क्या आपके साथ भी ऐसा हुआ है कि सुबह नींद खुलते ही बैंक का मैसेज आता है कि पैसे कट गए और आप सोचते रह जाते हैं कि ये किसके कटे? अब ऐसा नहीं होगा। क्योंकि RBI के नए नियम के मुताबिक, ऑटो-डेबिट होने से पहले बैंक को आपकी अनुमति और सूचना लेनी ही होगी। अब बैंक को आपके खाते से पैसे काटने से कम से कम 24 घंटे पहले एक नोटिफिकेशन (SMS या ईमेल) भेजना अनिवार्य है। इस मैसेज में लिखा होगा कि कल कितनी राशि और किस काम के लिए कटेगी। इससे आपको पहले ही पता चल जाएगा कि खाते में बैलेंस रखना है या नहीं!
बाउंस चार्ज (Bounce Charges) के डर को कहें बाय-बाय
अक्सर हमें याद नहीं रहता कि आज EMI कटनी है और खाते में पैसे कम होने पर बैंक पेनल्टी ठोक देता है। अब जब 24 घंटे पहले ही अलार्म बज जाएगा, तो आप समय रहते फंड ट्रांसफर कर सकेंगे। यानी अब न तो चेक बाउंस की टेंशन होगी और न ही फालतू का जुर्माना भरना पड़ेगा। इस नियम की सबसे धाकड़ बात यह है कि अगर आपको लगता है कि कोई ऑटो-पेमेंट गलत है या आप उसे रोकना चाहते हैं, तो आप उस नोटिफिकेशन के जरिए उसे रद्द या मॉडिफाई भी कर सकते हैं। बैंक अब मनमर्जी से पैसे नहीं निकाल पाएगा, यानी आपकी सहमति ही असली मास्टर चाबी होगी।
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किन पेमेंट्स पर लागू होगा यह नियम?
यह नियम आपकी होम लोन, कार लोन की EMI, बीमा प्रीमियम (Insurance Premium) और यहां तक कि आपके नेटफ्लिक्स या जिम के सब्सक्रिप्शन जैसे सभी Recurring Payments पर लागू होगा। 15000 रुपये से ऊपर के पेमेंट के लिए तो एडिशनल फैक्टर ऑथेंटिकेशन (AFA) भी जरूरी है।
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अगर बैंक ने नियम तोड़ा तो? सीधा ठोकें शिकायत
अगर कोई बैंक बिना 24 घंटे पहले सूचना दिए आपके पैसे काटता है, तो आप इसकी शिकायत बैंक के लोकपाल (Ombudsman) से कर सकते हैं। RBI ने साफ कर दिया है कि ग्राहकों की मर्जी के बिना एक रुपया भी इधर-से-उधर नहीं होना चाहिए।
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