RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि MPC ने पॉलिसी रेपो रेट को 5.25% पर ही बनाए रखने के लिए सर्वसम्मति से वोट किया।
RBI ने रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा है और न्यूट्रल रुख बनाए रखा है।
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RBI गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण वैश्विक आर्थिक स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।
RBI की पॉलिसी की घोषणा से पहले शुक्रवार को भारतीय शेयर बाज़ार बढ़त के साथ खुला। सेंसेक्स 269.93 अंक या 0.36% की बढ़त के साथ 74,629.94 पर खुला, जबकि निफ्टी 50 62.40 अंक या 0.27% की बढ़त के साथ 23,478.95 पर खुला। बैंक निफ्टी इंडेक्स 97.35 अंक या 0.18% चढ़कर 54,405.20 पर खुला।
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भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने आज, शुक्रवार, 5 जून 2026 को अपनी मौद्रिक नीति का फैसला घोषित किया। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपनी दूसरी द्वि-मासिक नीति बैठक 3 जून से 5 जून तक आयोजित की और आज रेपो रेट पर फैसला सुनाया गया।
इस बड़े ऐलान से ठीक पहले आज सुबह भारतीय शेयर बाजार (Sensex और Nifty 50) में मजबूती देखी जा रही है और बैंक निफ्टी (Bank Nifty) भी बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। यह बैठक ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे देश में महंगाई का दबाव और रुपये की कमजोरी बढ़ गई है।
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RBI MPC Meeting 2026: रेपो रेट (Repo Rate) स्थिर रहने की उम्मीद
अधिकांश अर्थशास्त्रियों और बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आरबीआई (RBI) फिलहाल रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगा और इसे यथावत (Unchanged) रख सकता है। हालांकि, केंद्रीय बैंक भविष्य में महंगाई के खतरों से निपटने के लिए सख्त रुख अपनाने का संकेत जरूर दे सकता है।
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RBI MPC Meeting 2026: युद्ध और क्रूड ऑयल का दबाव
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं के चलते ब्रेंट क्रूड के दाम लगातार मजबूत बने हुए हैं। तेल की इन बढ़ती कीमतों का असर भारत के ग्रोथ आउटलुक और महंगाई दोनों पर पड़ रहा है, जिस पर आज आरबीआई गवर्नर का बयान बेहद महत्वपूर्ण होगा।
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RBI MPC Meeting 2026: मौसम और अल नीनो (El Niño) की चुनौती
देश में जारी भीषण हीटवेव (लू) और सामान्य से कम मानसून रहने की आशंका (El Niño Conditions) के चलते आने वाले दिनों में खाद्य सुरक्षा और खाद्य महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। माना जा रहा है कि आरबीआई वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने महंगाई के अनुमान को बढ़ा सकता है।
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RBI MPC Meeting 2026: अन्य देशों में बढ़ीं ब्याज दरें, क्या करेगा भारत?
रुपये पर बढ़ते दबाव को देखते हुए हाल ही में इंडोनेशिया, फिलीपींस और श्रीलंका जैसे कई उभरते देशों के केंद्रीय बैंकों ने अपनी ब्याज दरों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी की है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में भविष्य में होने वाली कोई भी बढ़ोतरी रुपये को सपोर्ट करने के लिए नहीं, बल्कि घरेलू मांग और महंगाई को नियंत्रित करने के लिए होगी।
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RBI MPC Meeting 2026: होम लोन और ईएमआई (EMI) पर क्या होगा असर?
हाउसिंग सेक्टर के दिग्गजों (जैसे बेसिक होम लोन के सीईओ अतुल मोंगा) के अनुसार, होम लोन की ब्याज दरों में स्थिरता बेहद जरूरी है। पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी हुई ब्याज दरों के कारण किफायती (Affordable) और मिड-इनकम सेगमेंट में पहली बार घर खरीदने वालों के लिए बजट प्रभावित हुआ है। आज अगर दरें स्थिर रहती हैं, तो रियल एस्टेट और होम लोन ग्राहकों के लिए यह बड़ी राहत होगी।