नए वित्त वर्ष (FY27) की पहली मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के नतीजों का ऐलान हो गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने आज सुबह 10 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए बताया कि केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट (Repo Rate) में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। इसका सीधा मतलब यह है कि आपकी होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन की EMI फिलहाल स्थिर रहेगी और उनमें कोई कमी या बढ़ोत्तरी नहीं होगी।

प्रमुख घोषणाएं: एक नजर में

रेपो रेट: 5.25% पर बरकरार (लगातार तीसरी बार कोई बदलाव नहीं)।
पॉलिसी स्टांस: न्यूट्रल (Neutral) रुख अपनाया गया है।
महंगाई दर (FY27): वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रिटेल महंगाई दर का अनुमान 4.6% रखा गया है।
जीडीपी ग्रोथ: आर्थिक विकास दर को लेकर भी गवर्नर ने सकारात्मक संकेत दिए हैं।

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क्यों नहीं बदली गईं ब्याज दरें?
गवर्नर संजय मल्होत्रा के अनुसार, आरबीआई का मुख्य फोकस महंगाई (Inflation) को स्थायी रूप से 4% के लक्ष्य तक लाना है। हालांकि महंगाई नियंत्रण में दिख रही है, लेकिन ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के हालातों को देखते हुए सावधानी बरतना जरूरी है।

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न्यूट्रल स्टांस का मतलब है कि भविष्य में हालात और आंकड़ों को देखते हुए आरबीआई दरों को बढ़ा भी सकता है और घटा भी सकता है।

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महंगाई पर क्या है RBI का रुख?
आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 4.6% महंगाई दर का अनुमान लगाया है। गवर्नर ने कहा कि खाद्य पदार्थों की कीमतों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सरकार द्वारा तय किए गए 4% के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मौद्रिक नीति को फिलहाल सख्त और संतुलित रखना अनिवार्य है।

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आम आदमी पर क्या होगा असर?
लोन लेने वालों के लिए: अगर आप नया लोन लेने की सोच रहे हैं, तो ब्याज दरें वैसी ही रहेंगी जैसी पिछले महीने थीं। EMI कम होने का इंतजार थोड़ा और बढ़ गया है। फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर मिलने वाला ब्याज भी फिलहाल स्थिर रहेगा, जो बचत करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। आरबीआई की कोशिशों से बाजार में नकदी का प्रवाह संतुलित रहेगा, जिससे कीमतों को काबू में रखने में मदद मिलेगी।

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RBI ने एक बार फिर Wait and Watch की नीति अपनाई है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए यह एक सधा हुआ कदम माना जा रहा है। अब नजरें अगली जून में होने वाली MPC बैठक पर होंगी।