Rail Budget 2026: भारतीय वित्तीय इतिहास में 1 फरवरी 2017 का दिन बेहत महत्वपूर्ण है. क्योंकि इसी दिन तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने दशकों पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए पहली बार संयुक्त केंद्रीय बजट पेश किया था. ब्रिटिश काल से चली आ रही रेल बजट को अलग से पेश करने की प्रथा को खत्म कर इसे ‘जनरल बजट’ का हिस्सा बना दिया गया. भारतीय वित्तीय इतिहास इस विलय को सबसे बड़े सुधारों में से एक मानते हैं. दरअसल, वो मानते हैं कि रेल बजट का विलय केवल एक प्रशासनिक या कागजी बदलाव नहीं था, बल्कि भारतीय रेलवे को एक घाटे वाले विभाग से निकालकर एक आधुनिक और कुशल परिवहन ढांचे में बदलने की दिशा में उठाया गया कदम है.
आज वंदे भारत, अमृत भारत स्टेशन योजना और कवच प्रणाली जैसी सफलताएं इसी वित्तीय मजबूती का परिणाम हैं. सालों तक अलग से पेश किए जाने के बाद, मोदी सरकार ने इस परंपरा को क्यों खत्म कर दिया और इसका क्या असर हुआ, आइये आपको यहां डिटेल में समझाते हैं…
Rail Budget 2026: भारत का पहला रेल बजट कब और किसने पेश किया? जानें 1947 के बजट की पूरी कहानी
विलय का ऐतिहासिक सफर
1924 में ‘एकवर्थ कमेटी’ (Acworth Committee) की सिफारिश पर रेल बजट को आम बजट से अलग किया गया था. उस समय भारत की कुल अर्थव्यवस्था में रेलवे का योगदान बहुत बड़ा था और बजट का लगभग 70-80% हिस्सा केवल रेलवे से संबंधित होता था. लेकिन समय के साथ अन्य क्षेत्रों (जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर, डिफेंस और सर्विस सेक्टर) का विस्तार हुआ और जीडीपी में रेलवे का हिस्सा गिरता चला गया. 21 सितंबर 2016 को मोदी सरकार ने नीति आयोग के सदस्य बिबेक देबरॉय की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट के आधार पर इस विलय को मंजूरी दी.
Budget 2026: 20% तक बढ़ सकता है इस बार रक्षा बजट, हो सकती हैं नई घोषणाएं
विलय के पीछे क्या थे कारण (Why the Merger?)
पुरानी परंपरा को खत्म करना: 1924 में एकवर्थ कमेटी ने रेल बजट को इसलिए अलग किया था क्योंकि तब भारत की GDP में रेलवे का हिस्सा 70-80% था. साल 2016 तक आते-आते यह बहुत कम हो गया था, इसलिए अलग बजट का कोई तर्क नहीं बचा था.
Explainer: पहली बार कब पेश हुआ था Budget, कितनी मिली थी टैक्स छूट; 90% लोगों को नहीं पता
वित्तीय बोझ और लाभांश (Dividend): पहले रेलवे को केंद्र सरकार को ‘लाभांश’ देना पड़ता था. विलय के बाद रेलवे इस बोझ से मुक्त हो गया, जिससे उसे अपने विस्तार के लिए अधिक धन मिला.
राजनीतिक लोकलुभावनवाद पर रोक: अक्सर रेल मंत्री अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए नई ट्रेनों की घोषणा कर देते थे, जो आर्थिक रूप से व्यावहारिक नहीं होती थीं. विलय से रेलवे को शुद्ध रूप से एक ‘परिवहन संगठन’ के रूप में देखा जाने लगा.
Budget 2026: मिडिल क्लास और टैक्सपेयर्स के लिए खुशखबरी, इस बार होंगे कई बड़े बदलाव! जानें
प्रशासनिक जटिलता: दो अलग बजटों के लिए दो अलग-अलग प्रक्रियाओं और लेखा-जोखा (Accounting) की आवश्यकता होती थी, जिससे समय और संसाधन बर्बाद होते थे.
एकीकृत बजट से क्या फायदे हुए (Benefits of Merger)
समग्र विकास की दृष्टि: अब परिवहन के सभी साधनों (सड़क, जलमार्ग, हवाई और रेल) के लिए बजट एक साथ तय होता है. इससे ‘मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी’ (जैसे PM गति शक्ति) को बढ़ावा मिला.
पूंजीगत व्यय (Capex) में वृद्धि: विलय के बाद रेलवे को बजटीय सहायता में भारी वृद्धि हुई. आज रेलवे का बजट 2.5 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है, जो पहले संभव नहीं था.
वित्तीय स्वायत्तता: अब रेलवे को सरकार को सालाना लाभांश (लगभग 10,000 करोड़ रुपये) नहीं देना पड़ता, इस पैसे का उपयोग सुरक्षा और आधुनिकीकरण में किया जा रहा है.
निर्णय लेने में तेजी: वित्त मंत्रालय और रेल मंत्रालय के बीच समन्वय बेहतर हुआ है, जिससे बड़ी परियोजनाओं (जैसे बुलेट ट्रेन, वंदे भारत) के लिए फंड जारी करना आसान हो गया है.
संबंधित खबरें
Gandhi jayanti: स्वदेशी का प्रतीक खादी कैसे बना करोड़ों का बिजनेस मॉडल? जानिए 2 अक्टूबर पर बिजनेस का बड़ा ट्रेंड
24 mins agoiPhone Users Good News: भारत में शुरू हुई Apple Pay सर्विस, जानिए बिना OTP और PIN के कैसे होंगे पेमेंट
1 hr agoNew Property Tax : हरियाणा में 11 अक्टूबर से लागू होगा नया प्रॉपर्टी टैक्स, जानिए 10 अक्टूबर तक कैसे उठाएं छूट का फायदा
4 hrs ago2 October No UPI Day: 2 अक्टूबर को 'नो यूपीआई डे', दुकानों पर काले कपड़े से ढके रहेंगे QR कोड, जेब में रखें कैश
4 hrs agoGandhi Jayanti Bank Holiday: आज बैंक रहेंगे बंद, देखें अक्टूबर महीने की RBI Bank Holidays की पूरी लिस्ट
4 hrs agoBank Holiday: क्या कल गांधी जयंती पर खुलेंगे बैंक? जानिए एटीएम और यूपीआई से जुड़े नियम
20 hrs agoWedding Gift Income Tax Rules: शादी में मिले 10 लाख रुपये के तोहफे पर क्या लगेगा टैक्स? जानिए इनकम टैक्स का नियम
22 hrs agoShare Bazar Crash: सेंसेक्स 900 अंक से ज्यादा गिरा, निफ्टी 300 से ज्यादा टूटा
22 hrs agoNew Rules From Today: एलपीजी, एसबीआई एटीएम, दिल्ली बस यात्रा से लेकर NPS तक, आज से लागू हुए ये बड़े बदलाव
23 hrs agoATF Price Hike: 16 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ हवाई ईंधन, त्योहारी सीजन में उड़ानों का किराया बढ़ने के आसार
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines