अगर आप किसी NRI (गैर-आवासीय भारतीय) या विदेश में रहने वाले रिश्तेदार/दोस्त से कोई नया घर, प्लॉट या जमीन खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है.
अक्सर NRI से प्रॉपर्टी खरीदते समय कानूनी कागजी कार्रवाई और टैक्स के नियमों को देखकर अच्छे-अच्छों के पसीने छूट जाते थे. सबसे बड़ा सिरदर्द था, TAN (टैक्स डिडक्शन अकाउंट नंबर) बनवाना. लेकिन चिंता छोड़िए! केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने आम जनता को राहत देते हुए 1 अक्टूबर 2026 से इस TAN वाले झंझट को हमेशा-हमेशा के लिए खत्म कर दिया है.
आइए, समझते हैं कि 1 अक्टूबर से क्या बदलने वाला है और अब NRI से प्रॉपर्टी खरीदते समय आपको क्या करना होगा.
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पहले क्या था झंझट?
पहले अगर आप किसी भारतीय निवासी (Resident Indian) से 50 लाख से ज्यादा की प्रॉपर्टी खरीदते थे, तो सिर्फ PAN कार्ड से काम चल जाता था. लेकिन… जैसे ही विक्रेता (Seller) NRI होता था, नियम सख्त हो जाते थे. खरीदार (Buyer) को सिर्फ TDS काटने के लिए अलग से TAN Number का आवेदन करना पड़ता था. TAN नंबर मिलने में समय लगता था, कागजी प्रोसेस का चक्कर होता था और गलती होने पर पेनल्टी का डर अलग से बना रहता था.
1 अक्टूबर 2026 से क्या बदला?
CBDT के नए नोटिफिकेशन के बाद अब खेल बिल्कुल बदल गया है. अब NRI से प्रॉपर्टी खरीदते समय खरीदार को अलग से TAN नंबर लेने की बिल्कुल जरूरत नहीं होगी. आप अपने नॉर्मल PAN Card का इस्तेमाल करके ही TDS से जुड़ा सारा काम चुटकियों में पूरा कर सकते हैं.
Form 141 के जरिए आसानी से जमा होगा TDS
टैक्स डिपार्टमेंट ने इस पूरी प्रक्रिया को बेहद यूजर-फ्रेंडली बना दिया है. Income Tax डिपार्टमेंट ने इसके लिए Form 141 (चालान-कम-स्टेटमेंट फॉर्म) पेश किया है. आप अपने PAN Login के जरिए ही आसानी से Form 141 भरकर TDS की रकम काट सकते हैं, उसे सरकार के पास जमा कर सकते हैं और अपनी रिपोर्टिंग पूरी कर सकते हैं.
TDS काटना अभी भी है मेनडेटरी
यहां एक बात अच्छे से समझ लीजिए कि सरकार ने TAN लेने का झंझट खत्म किया है, TDS काटने का नियम नहीं. NRI से प्रॉपर्टी खरीदते वक्त इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक जितना TDS काटना बनता है, आपको उतना TDS काटना ही होगा. अगर आपने सही समय पर TDS काटकर जमा नहीं किया, तो टैक्स विभाग का नोटिस आ सकता है.
डील पक्की करने से पहले इन 3 बातों का रखें ध्यान:
Seller का NRI स्टेटस: पक्का कर लें कि सेलर सच में NRI कैटेगरी में आता है या नहीं.
PAN कार्ड डिटेल्स: विक्रेता का PAN कार्ड एक्टिव और सही होना चाहिए.
सही TDS दर (TDS Rate): डील वैल्यू और कैपिटल गेन के हिसाब से सही TDS दर की गणना करा लें ताकि कोई गड़बड़ी न हो.
अब NRI से घर या जमीन खरीदना उतना ही आसान हो गया है जितना किसी स्थानीय निवासी से खरीदना! समय भी बचेगा, सीए (CA) के चक्कर भी कम होंगे और TAN का झंझट भी खत्म.