अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. इसी क्रम में सरकारी तेल कंपनियों ने 6 अगस्त के लिए पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी कर दी हैं. ताजा अपडेट के अनुसार, देश के कई शहरों में ईंधन की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है. ऐसे में अगर आप आज अपने वाहन में पेट्रोल या डीजल भरवाने वाले हैं, तो घर से निकलने से पहले आप अपने शहर में पेट्रोल-डीजल के नए रेट जरूर जान लें.
प्रमुख शहरों में पेट्रोल की ताजा कीमतें
सरकारी तेल कंपनियों द्वारा जारी नई दरों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर है. वहीं, मुंबई में इसकी कीमत 111.12 रुपये प्रति लीटर है. वहीं, कोलकाता में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 113.43 रुपये है, जबकि चेन्नई में इसके ताजा रेट 107.75 रुपये प्रति लीटर हैं. अन्य महानगरों की बात करें तो हैदराबाद में पेट्रोल सबसे महंगा है, जहां इसकी कीमत 115.69 रुपये प्रति लीटर है. वहीं, बेंगलुरु में पेट्रोल 110.93 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है.
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प्रमुख शहरों में डीजल की नई कीमतें
तेल कंपनियों की ओर से जारी ताजा दरों के मुताबिक, दिल्ली में डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर है. मुंबई में इसकी खुदरा कीमत 97.78 रुपये प्रति लीटर है. वहीं, कोलकाता में एक लीटर डीजल के लिए 99.78 रुपये है, जबकि चेन्नई में इसका भाव 99.57 रुपये प्रति लीटर है. वहीं, हैदराबाद में डीजल 103.82 रुपये प्रति लीटर है. बेंगलुरु में उपभोक्ताओं को डीजल 98.79 रुपये प्रति लीटर की दर से मिल रहा है.
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80 डॉलर प्रति बैरल है क्रूड ऑयल
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें फिलहाल 80 डॉलर प्रति बैरल के करीब बनी हुई हैं. ताजा कारोबार में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) 79.31 डॉलर प्रति बैरल पर दर्ज किया गया, जिसमें 0.18 प्रतिशत की हल्की गिरावट देखी गई. वहीं, अमेरिकी डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड का भाव 74.96 डॉलर प्रति बैरल रहा, जो पिछले सत्र की तुलना में 0.35 प्रतिशत नीचे आया.
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रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका, ईरान और ओमान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही को लेकर एक अंतरिम व्यवस्था तैयार करने की दिशा में काम कर रहे हैं. प्रस्ताव के तहत भारत आने वाले जहाज ईरान के समुद्री मार्ग से गुजरेंगे, जबकि भारत से बाहर जाने वाले जहाजों के लिए ओमान के समुद्री क्षेत्र का उपयोग किए जाने की योजना है. इस संभावित व्यवस्था को लेकर वैश्विक ऊर्जा बाजार की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है.
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भारत की अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर?
भारत अपनी कुल कच्चे तेल की आवश्यकता का 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा विदेशों से आयात करता है. ऐसे में यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो इसका सीधा असर देश के आयात खर्च पर पड़ सकता है. बढ़ता आयात बिल महंगाई को भी प्रभावित कर सकता है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ने की आशंका रहेगी. इसके अलावा, यदि वैश्विक बाजार में तेल महंगा बना रहता है, तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है.