मिडिल ईस्ट में तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं के लिए आज राहत भरी खबर है. आज, 11 मार्च 2026 को तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है. वैश्विक स्तर पर ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) की कीमतें हाल ही में $115 प्रति बैरल तक पहुंचने के बाद अब $87 - $100 के दायरे में झूल रही हैं. लेकिन भारतीय कंपनियों ने फिलहाल कीमतों को स्थिर रखकर आम आदमी को महंगाई के झटके से बचा लिया है.
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11 मार्च 2026 को क्या प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के रेट्स
यहां भारत के महानगरों और प्रमुख शहरों में आज की कीमतें दी गई हैं:
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ग्लोबल मार्केट में क्यों मची है हलचल?
मिडिल ईस्ट संकट: ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज जहां से दुनिया का 20% तेल गुजरता है, इसको लेकर चिंता बढ़ा दी है.
सप्लाई चेन पर दबाव: खाड़ी देशों से आने वाले शिपमेंट्स में देरी और बढ़ते इंश्योरेंस खर्च ने कच्चे तेल को महंगा कर दिया है.
भारत की रणनीति: भारत अब रूस और अन्य अफ्रीकी देशों से कच्चे तेल का आयात बढ़ाकर अपनी निर्भरता को डाइवर्सिफाई कर रहा है, जिससे कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिल रही है.
कब बढ़ेंगे दाम?
सरकारी सूत्रों और विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक कच्चा तेल $130 प्रति बैरल के स्तर को पार नहीं करता, तब तक घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़े उछाल की संभावना कम है. तेल कंपनियां फिलहाल अपने मुनाफे के जरिए इस उतार-चढ़ाव को झेल रही हैं.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में उथल-पुथल के बीच भारत में ईंधन की कीमतें स्थिर रहना एक सकारात्मक संकेत है. यह न केवल आपकी जेब को राहत देता है बल्कि देश की महंगाई दर (Inflation) को भी काबू में रखने में मदद करता है.