Petrol-Diesel Price: जंग के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते भारत में दो तेल कंपनियों ने पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं. हालांकि सरकारी कंपनियों ने पुराने दाम बरकरार रखे हैं. आमतौर पर 70 से 74 डॉलर के आसपास रहने वाले कच्चे तेल की कीमत 112 डॉलर के ऊपर पहुंच गई, 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' पर ईरान की ओर से लगाई गई पाबंदियों के कारण ही ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं. मौजूदा समय में कच्चे तेल की कीमतें ग्लोबल मार्केट में 112 डॉलर प्रति बैरल को छू गई हैं. क्रूड ऑयल की कीमतों में 11.41% उछाल देखा गया है. ब्रेंट क्रूड ऑयल भी प्रति बैरल 109 डॉलर बिक रहा है.

कच्चे तेल की कीमतें क्यों छू रही आसमान?

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने की वजह से देखने को मिल रहा है. अमेरिका के साथ तल्खियों के चलते ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पाबंदियां लगा रखी हैं, इस वजह से तेल के जहाज होर्मुज के मुहाने पर अटके होने की वजह से आयात-निर्यात प्रभावित है. कीमतों में तेजी आने की यही मुख्य वजह है. वहीं तेल के सबसे बड़े उत्पादक मिडिल ईस्ट के देश खुद जंग की उलझे हैं. तेल रिफाइनरियां टार्गेट पर हैं. इसी वजह से कच्चा तेल इतना महंगा हो रहा है.

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भारत की किन दो कंपनियों ने बढ़ाई कीमत

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल को देखते हुए पहले नायरा रिफाइनरी ने पेट्रोल-डीजल महंगा किया, अब Shell India ने भी दाम बढ़ाए हैं. पेट्रोल 7.41 रुपये और डीजल 25 रुपये प्रति लीटर की दर से महंगा हुआ है. गौरतलब है कि देश में नायरा के पास 6600 पेट्रोल पंप हैं. हालांकि सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल डीजल के दाम नहीं बढ़ाए हैं. सरकार एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर पहले ही उन्हें राहत दे चुकी है. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL),हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े हैं.

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