अमेर‍िका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव का असर क्रूड ऑयल पर साफ देखा जा सकता है. कच्‍चे तेल की कीमतें 90 डॉलर से ऊपर पहुंच चुकी हैं. ऐसे में इसका असर दूसरे देशों पर भी द‍िखने लगा है. हालांक‍ि भारत सरकार ने यह स्‍पष्‍ट कर द‍िया है क‍ि भले ही कच्‍चे तेल की कीमतों में इजाफा हो रहा है, लेक‍िन भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं होगी. क्‍योंक‍ि भारत के पास पर्याप्‍त मात्रा में ऑयल र‍िजर्व है.

लेक‍िन इसका असर पाक‍िस्‍तान पर द‍िखने लगा है. पाक‍िस्‍तान में तेल की कीमतों में 20 फीसदी तक का उछाल देखा जा रहा है. रॉयटर्स की र‍िपोर्ट के अनुसार पाक‍िस्‍तान में तेल की कीमतों पर ईरान युद्ध का सीधा देखने को म‍िल रहा है.

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पाक‍िस्‍तान के पेट्रोल‍ियम मंत्री ने क्‍या कहा?

पाक‍िस्‍तान के पेट्रोल‍ियम मंत्री अली परवेज मल‍िक ने टीवी पर अपने संदेश में कहा क‍ि देश में तेल की कीमतें बढ़ाई जा रही हैं. इसके साथ ही उन्‍होंने कहा क‍ि इस फैसले को टाला नहीं जा सकता. उन्‍होंने कहा क‍ि वैश्‍वि‍क स्‍तर पर पेट्रोल‍ियम की कीमतों में आई उछाल को देखते हुए यह न‍िर्णय ल‍िया गया है.

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क‍ितनी बढ़ी कीमत?

पाक‍िस्‍तान में पेट्रोल की कीमत 55 रुपये बढ़ कर 321.17 रुपये हो गई है. वहीं डीजल का भाव भी 335.86 रुपये प्रत‍ि लीटर हो गया है.

पाक‍िस्‍तानी जनता के स‍िर पर महंगाई का साया

पाक‍िस्‍तान में पहले से ही आम जनता महंगाई की मार झेल रही है. ऐसे में पेट्रोल डीजल के महंगे होने से ट्रांसपोर्ट होने की आशंका है, ज‍िसका असर खाने-पीने की चीजों पर भी द‍िखेगा. रॉयटर्स की र‍िपोर्ट के अनुसार तेल की नई कीमतों के जारी होने से पहले पाक‍िस्‍तान में पेट्रोल पंप पर लंबी कतारें देखने को म‍िलीं.

कई पेट्रोल पंपों पर तेल की शॉर्टेज हो गई है. रॉयटर्स की र‍िपोर्ट के अनुसार लाहौर स्‍टेशन पर पेट्रोल पंप पर लाइन में लगे ब‍िजनेस मैन इमरान हुसैन ने कहा क‍ि मैं 70 म‍िनट से तेल के ल‍िए इंतजार कर रहा था और उन्‍हें इस बात की आशंका थी कि‍ तेल की शॉर्टेज हो सकती है.

काला बाजारी को लेकर सरकार ने दी चेतावनी

कीमतों में तेजी आते ही तेल को लेकर काला बाजारी का खतरा बढ़ गया है. पाक‍िस्‍तान के पीएम शहबाज शरीफ ने कहा क‍ि ऐसा करते हुए पाया गया तो उसके ख‍िलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे.

एक अध‍िकारी ने रॉयटर्स को बताया क‍ि हमारे पास पर्याप्‍त पेट्रोल र‍िजर्व है. लेक‍िन हम चाहते हैं क‍ि र‍िजर्व को लंबे समय तक चलाया जा सके. क्‍योंक‍ि हमें नहीं पता क‍ि म‍िडल ईस्‍ट क्राइस‍िस कब समाप्‍त होगा.