ITR रिफंड की बड़ी रकम मिलने में क्यों होती है देरी? जानें कब मिलेगा आपका पैसा, क्या है नियम

ITR Refund में बड़ी रकम का रिफंड आने में देरी होती है. ऐसे में लोग परेशान हो जाते हैं तो आइए जानते हैं ITR रिफंड कितने दिनों में आता है और इसके देरी से आने का क्या कारण है. वहीं ये भी जानेंगे कि अगली बार आपका रीफंड समय पर आए इसके लिए क्या करें.

ITR refund delay

News 24 GFX

ITR Refund Delay: आयकर रिटर्न (ITR) भरने की आखिरी तारीख 16 सितंबर गुजर चुकी है. लाखों टैक्सपेयर्स अब बेसब्री से अपने रिफंड का इंतजार कर रहे हैं. कई लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या बड़ी रकम का रिफंड, जैसे 50,000 रुपये से ज्यादा, मिलने में थोड़ा ज्यादा टाइम लगता है? आइए समझते हैं इसके पीछे की कहानी.

आयकर विभाग के नियमों के मुताबिक, रिफंड की रकम पर कोई सीमा तय नहीं है. चाहे आपका रिफंड 10,000 रुपये का हो, 1 लाख का हो या उससे भी ज्यादा, सभी को एक ही प्रक्रिया से बैंक अकाउंट में भेजा जाता है. हां, अगर राशि बड़ी है तो विभाग उसे थोड़ा और बारीकी से जांच सकता है, जिससे प्रोसेसिंग में कुछ देरी हो सकती है.

जल्दी ITR भरने वालों का फायदा

जो लोग समय से पहले, यानी आखिरी तारीख से हफ्तों पहले ITR भरते हैं, उन्हें रिफंड जल्दी मिलता है. कई मामलों में ई-वेरिफिकेशन कुछ ही घंटों में पूरा हो गया और उसी दिन रिफंड भी अकाउंट में आ गया.
लेकिन जिन्होंने 15 या 16 सितंबर को आखिरी दिन फाइल किया, उन्हें दिक्कतें आईं. पोर्टल पर ज़्यादा लोड होने के कारण वेरिफिकेशन में 24-48 घंटे लग गए और प्रोसेसिंग भी धीमी रही.

कितने टाइम में आता है रिफंड

आमतौर पर ITR ई-वेरिफिकेशन के 2 से 5 हफ्ते बाद रिफंड मिल जाता है. अगर आपकी रिटर्न सीधी-सादी है, जैसे केवल सैलरी इनकम और कुछ बेसिक डिडक्शन, तो पैसा जल्दी आ सकता है. लेकिन अगर आपके रिटर्न में बिजनेस इनकम, कैपिटल गेन या कई डिडक्शन शामिल हैं, तो जांच में समय लग सकता है और रिफंड देर से आ सकता है.

क्यों लेट होता है रिफंड?

कई कारणों से आपका रिफंड अटक सकता है, जैसे-

  • PAN, आधार या बैंक डिटेल्स में गलती
  • बैंक अकाउंट प्री-वैलिडेट न होना
  • गलत IFSC कोड या बंद अकाउंट
  • TDS डेटा में गड़बड़ी
  • या फिर रिटर्न विभाग द्वारा स्क्रूटनी में डाल दिया गया हो

रिफंड स्टेटस कैसे चेक करें?

आप आसानी से अपना रिफंड स्टेटस चेक कर सकते हैं. इसके लिए Income tax के पेज पर लॉग-इन करें. फिर e-File टैब→ View Filed Returns पर जाएं. वहां आपके संबंधित असेसमेंट ईयर का रिफंड स्टेटस साफ दिखाई देगा.

घबराने की जरूरत नहीं

बड़ी रकम का रिफंड मिलने में कोई दिक्कत नहीं होती. बस कभी-कभी प्रोसेसिंग में थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है. अगर आपकी डिटेल्स सही हैं और PAN-आधार लिंक है, तो परेशान होने की जरूरत नहींं है और हां, अगर आप जल्दी रिफंड चाहते हैं, तो अगली बार ITR आखिरी दिन का इंतजार किए बिना पहले ही फाइल करें.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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