पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है, जिसका सीधा और बड़ा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर देखने को मिला है। इजरायल और लेबनान के बीच हुए संघर्षविराम (Ceasefire) के बावजूद इजरायल द्वारा लेबनान पर दोबारा किए गए हमलों के बाद सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में 3 फीसदी से ज्यादा का जोरदार उछाल आया है।

इस नए घटनाक्रम ने अमेरिका-ईरान युद्ध के खत्म होने और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल पारगमन मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से कच्चे तेल की सप्लाई दोबारा सामान्य होने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

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क्रूड ऑयल का ताजा रेट: रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे दाम

हमलों की खबर आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम तेजी से भागे। अमेरिकी कच्चे तेल WTI क्रूड (US Crude Futures) के वायदा भाव में 4.26% की भारी तेजी आई और यह 94.40 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं वैश्विक मानक माना जाने वाला ब्रेंट क्रूड ब्रेंट क्रूड (Brent Crude Futures) 3.82% उछलकर 96.65 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है।

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क्यों बिगड़ा बाजार का मूड? समझें पूरा समीकरण

  1. संघर्षविराम का उल्लंघन: वाशिंगटन में हुई लंबी वार्ताओं के बाद बीते 3 जून को ही इजरायल और लेबनान के बीच युद्धविराम पर सहमति बनी थी। हालांकि, इस समझौते के बावजूद दोनों देशों के बीच दुश्मनी और गोलाबारी थमी नहीं है।
  2. ईरान की जवाबी कार्रवाई: बेरूत में अपने सहयोगी हिजबुल्लाह को निशाना बनाकर किए गए हमलों के जवाब में ईरान ने भी इजरायल पर मिसाइलें दागकर पलटवार किया है। बाजार को डर है कि इससे अमेरिका-ईरान के बीच कोई राजनयिक समझौता होना और मुश्किल हो जाएगा। दरअसल, ईरान ने लेबनान में युद्धविराम को वाशिंगटन के साथ अपनी राजनयिक बातचीत की प्रगति से जोड़ा था।
  3. डोनाल्ड ट्रंप का बयान: रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से ईरान के खिलाफ किसी भी तरह की जवाबी कार्रवाई (Retaliation) से बचने का आग्रह करेंगे।
  4. Strait of Hormuz पर पाबंदी बरकरार: हालांकि अमेरिका और इजरायल ने अप्रैल की शुरुआत में ही ईरान पर अपने हमलों को निलंबित कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद तेहरान (ईरान) ने होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से होने वाली वैश्विक शिपिंग गतिविधियों के एक बड़े हिस्से पर अपनी पाबंदियां लगातार जारी रखी हैं।

ओपेक (OPEC) ने उत्पादन बढ़ाने का लिया फैसला

कच्चे तेल की कमी और बढ़ती कीमतों के बीच तेल निर्यातक देशों के संगठन ओपेक (OPEC) ने बाजार को राहत देने की एक कोशिश की है। ओपेक देशों ने जुलाई महीने के लिए अपने तेल उत्पादन को 1,88,000 बैरल प्रति दिन बढ़ाने के कोटे पर सहमति व्यक्त की है। हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव के चलते बाजार पर इस फैसले का सकारात्मक असर कम ही देखने को मिल रहा है।

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