भारतीय रेलवे से ट्रैवल करने वाले लोगों के लिए ये एक महत्वपूर्ण खबर है. दरअसल, भारतीय रेलवे ने देश की सीमाओं पर सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. इसके तहत बांग्लादेश और नेपाल से सटे अंतरराष्ट्रीय सीमा वाले इलाकों में रिजर्व ट्रेनों में यात्रा करना अब पहले जितना आसान नहीं रहेगा. रेल मंत्रालय ने इन इलाकों में पहचान पत्र (ID) वेरिफिकेशन जरूरी कर दिया है. इस फैसले का सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ेगा जो बिना वैलिड पहचान पत्र के रिजर्व टिकट पर यात्रा करने की कोशिश करते हैं.
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क्या है रेलवे का नया आदेश?
रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को एक पत्र जारी कर साफ निर्देश दिए हैं. इसके अनुसार, रिजर्व क्लास में यात्रा करते समय कम से कम एक यात्री को अपना ओरिजिनल पहचान पत्र दिखाना होगा. अगर ऐसा नहीं किया जाता है, तो पूरे ग्रुप को बिना टिकट यात्रा करते हुए माना जाएगा और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. यानी ट्रेन में ग्रुप में या परिवार के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों को अब यह पक्का करना होगा कि टिकट चेकिंग के दौरान ग्रुप के कम से कम एक सदस्य के पास वैलिड ID हो. यह नियम एक ही PNR के तहत की गई सभी बुकिंग पर लागू होता है.
इस नए रेलवे नियम के बाद, यात्रियों को यात्रा करने से पहले अपना ओरिजिनल ID साथ रखने की सलाह दी जा रही है. यह खासकर बॉर्डर इलाकों में यात्रा करने वालों के लिए जरूरी है, क्योंकि चेकिंग के दौरान ID न होने पर जुर्माना, टिकट कैंसिल या कानूनी कार्रवाई हो सकती है.
यात्रा के दौरान कौन सी ID मान्य हैं?
रेलवे ने यात्रियों के लिए मान्य ID की एक लिस्ट पहले ही बना ली है. रिजर्व टिकट पर यात्रा करने वाले यात्री नीचे दी गई ओरिजिनल ID में से कोई एक साथ रख सकते हैं:
वोटर ID कार्ड
पासपोर्ट
पैन कार्ड
ड्राइविंग लाइसेंस
केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी किया गया फोटो ID
मान्यता प्राप्त स्कूल/कॉलेज का स्टूडेंट ID कार्ड
राष्ट्रीयकृत बैंक की फोटो पासबुक
आधार कार्ड