Indian Railways: ट्रेनों में सफर करने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक अच्छी खबर है। भारतीय रेलवे जल्द ही उनके लिए रियायतें बहाल करने की योजना बना सकता है। इसके अलावा, इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए उनके लिए पात्रता मानदंड में कुछ बदलाव हो सकते हैं।

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मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय रेलवे बोर्ड वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयु सीमा में बदलाव करने की योजना बना रहा है और रियायत को केवल कुछ श्रेणियों के टिकटों तक सीमित करने की योजना बना रहा है। बता दें कि पहले, सभी वर्गों के वरिष्ठ नागरिकों के लिए रियायत उपलब्ध थी।

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इन उम्र के लोगों को मिलेगा फायदा

रिपोर्टों के अनुसार, रेलवे बोर्ड उन वरिष्ठ नागरिकों को रियायत देने की योजना बना रहा है जो सामान्य और स्लीपर क्लास के लिए 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के हैं। रेलवे ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए सब्सिडी बरकरार रखते हुए इन रियायतों की लागत को कम करने का विचार है। हालांकि अभी नियम और शर्तें फाइनल नहीं हुई हैं।

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एक निजी चैनल द्वारा किसी अपने सूत्र के मुताबिक, ‘रेलवे समझता है कि ये रियायतें बुजुर्गों की मदद करती हैं और हमने कभी नहीं कहा कि हम इसे पूरी तरह खत्म करने जा रहे हैं। हम इसकी समीक्षा कर रहे हैं और इस पर फैसला करेंगे। तर्क यह है कि अगर हम इसे स्लीपर और जनरल क्लास तक सीमित कर दें तो हम 70 फीसदी यात्रियों को कवर कर लेते हैं। ये कुछ ऐसे विकल्प हैं जिन पर हम विचार कर रहे हैं और अभी कुछ भी तय नहीं किया गया है।’

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इतनी मिलती थी छूट

2020 में कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप से पहले, 58 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिला यात्रियों और 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के पुरुषों के लिए वरिष्ठ नागरिक रियायतें उपलब्ध थीं।

रेलवे की योजना के अनुसार, महिला यात्रियों को सभी श्रेणियों में टिकट की कीमत पर 50 प्रतिशत की छूट और पुरुषों को 40 प्रतिशत की छूट दी गई थी। महामारी फैलने के बाद, भारतीय रेलवे ने रियायती दरों को वापस ले लिया।

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