मुसीबत कभी बताकर नहीं आती और परिवार के मुख्य कमाने वाले का चले जाना न केवल एक भावनात्मक सदमा है, बल्कि आर्थिक रूप से भी परिवार को हिला देता है. ऐसे कठिन समय में ईपीएफओ (EPFO) की योजनाएं एक सुरक्षा कवच की तरह काम करती हैं. अगर आपके परिवार में भी कोई सदस्य प्राइवेट नौकरी में था और उनका पीएफ कटता था, तो यह लेख आपके बहुत काम आएगा. यहां जानिए कि आर्थिक मदद पाने के लिए आपको कौन-कौन से जरूरी कदम उठाने चाहिए.

सबसे पहला कदम: मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate)

किसी भी कानूनी या वित्तीय प्रक्रिया को शुरू करने के लिए डेथ सर्टिफिकेट सबसे बुनियादी दस्तावेज है. इसके बिना आप किसी भी योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगे. आप नगर निगम या स्थानीय निकाय की वेबसाइट पर जाकर इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.

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7 लाख रुपये तक का मुफ्त बीमा (EDLI Scheme)
बहुत कम लोग जानते हैं कि अगर किसी कर्मचारी की मृत्यु नौकरी की अवधि (Service Period) के दौरान होती है, तो उसका परिवार EDLI (Employees' Deposit Linked Insurance) योजना के तहत 7 लाख रुपये तक के बीमे का हकदार होता है. इसके लिए कर्मचारी को कोई अलग प्रीमियम नहीं भरना पड़ता.

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पीएफ और पेंशन का पैसा
मृतक के पीएफ खाते में जमा सारा पैसा (ब्याज सहित) उनके नॉमिनी या कानूनी वारिस को मिलता है. अगर सदस्य ने 10 साल की सेवा पूरी कर ली थी, तो उनकी पत्नी/पति को जीवनभर पेंशन मिलती है. साथ ही, दो बच्चों को 25 साल की उम्र होने तक पेंशन का लाभ मिलता है.

बैंक और लोन का मामला
यहां एक बात गांठ बांध लें क‍ि कभी भी मृतक के एटीएम (ATM) कार्ड से पैसे न निकालें. यह गैर-कानूनी माना जा सकता है. इसके बजाय बैंक जाएं और डेथ सर्टिफिकेट दिखाकर खाते में दर्ज नॉमिनी के जरिए पैसे ट्रांसफर करवाएं. चेक करें कि क्या मृतक के लोन पर कोई बीमा (Insurance) था? अगर हां, तो लोन का बकाया परिवार को नहीं, बल्कि बीमा कंपनी को भरना होगा.

कैसे करें क्लेम?
आजकल ईपीएफओ ने प्रक्रिया को काफी सरल कर दिया है. नॉमिनी Composite Claim Form (Death Cases) भरकर ऑनलाइन या ऑफलाइन तरीके से आवेदन कर सकता है. इसके साथ डेथ सर्टिफिकेट, आधार कार्ड और नॉमिनी के बैंक खाते की जानकारी (Cancelled Cheque) देनी होती है.

अपनों को खोने का गम कोई कम नहीं कर सकता, लेकिन समय पर की गई ये छोटी सी कागजी कार्रवाई आपके परिवार के भविष्य को आर्थिक मजबूती दे सकती है. हिम्मत रखें और अपने हक के लिए सही कदम उठाएं.

EPFO डेथ क्लेम: ऑनलाइन आवेदन करने का पूरा प्रोसेस
अगर मृतक का UAN आधार से लिंक था और उनका Nomination (नामांकन) डिजिटल रूप से अपडेट था, तो नॉमिनी घर बैठे ऑनलाइन क्लेम कर सकता है.

स्टेप 1: ईपीएफओ पोर्टल पर जाएं
सबसे पहले ईपीएफओ के आधिकारिक Unified Member Portal पर जाएं. यहां आपको Death Claim Filing by Beneficiary का विकल्प दिखेगा.

स्टेप 2: जरूरी जानकारी भरें
यहां आपको नॉमिनी/बेनिफिशियरी की कुछ डिटेल्स देनी होंगी:

  • मृतक का UAN नंबर
  • लाभार्थी (Nominee) का नाम
  • लाभार्थी की जन्म तिथि
  • आधार कार्ड के अनुसार अन्य जानकारियां और कैप्चा कोड

स्टेप 3: आधार वेरिफिकेशन
विवरण भरने के बाद, नॉमिनी के आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा. इसे दर्ज करने के बाद सिस्टम वेरिफाई करेगा कि आप ही सही नॉमिनी हैं.

स्टेप 4: फॉर्म का चयन करें
लॉगिन होने के बाद आपको अलग-अलग फॉर्म भरने होंगे (ये सभी एक ही पोर्टल पर उपलब्ध हो जाते हैं):

  • Form 20: पीएफ का पैसा निकालने के लिए
  • Form 10D: मंथली पेंशन (EPS) शुरू करवाने के लिए
  • Form 5IF: 7 लाख रुपये तक का बीमा (EDLI) क्लेम करने के लिए

स्टेप 5: दस्तावेज अपलोड करें
आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी:

  • मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate)
  • कैंसल्ड चेक (Cancelled Cheque): जिस पर नॉमिनी का नाम और बैंक अकाउंट नंबर साफ दिखे
  • फोटो: नॉमिनी की पासपोर्ट साइज फोटो

स्टेप 6: ई-साइन (e-Sign) और सबमिट
अंत में, आधार आधारित e-Sign के जरिए फॉर्म को डिजिटली साइन करें और सबमिट कर दें. सबमिट होने के बाद आपको एक एक्नॉलेजमेंट नंबर मिलेगा, जिससे आप स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं.