आज के दौर में बहुत से लोग एक साथ दो स्मार्टफोन रखते हैं, एक काम (Work) के लिए और दूसरा पर्सनल इस्तेमाल के लिए। लेकिन सबसे बड़ी मुसीबत तब होती है जब पेमेंट करना हो। अमूमन सभी यूपीआई ऐप्स केवल उसी फोन में काम करते हैं जिसमें बैंक खाते से लिंक सिम कार्ड मौजूद हो। इस वजह से यूजर्स को हर वक्त अपना प्राइमरी फोन साथ रखना पड़ता है।

इस झंझट को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए UPI Circle (पॉकेट मनी) फीचर पेश किया गया है। यह एक बेहद सुरक्षित तकनीक है, जिसकी मदद से आप अपने प्राइमरी यूपीआई अकाउंट से किसी दूसरे डिवाइस या यूजर को पेमेंट करने का अधिकार दे सकते हैं।

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क्या है UPI Circle फीचर और इसके फायदे?

सरल शब्दों में कहें, तो इसके जरिए आप अपने मुख्य बैंक खाते को अपने ही दूसरे मोबाइल नंबर या परिवार के किसी सदस्य (जैसे बच्चों या बुजुर्गों) के फोन से कनेक्ट कर सकते हैं। अगर आपके पास दो डिवाइस हैं, तो आपको बार-बार प्राइमरी फोन पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। माता-पिता अपने बच्चों को सीमित पेमेंट एक्सेस दे सकते हैं, जिससे वे ऑनलाइन भुगतान भी कर सकेंगे और उनके खर्चों पर नियंत्रण भी रहेगा।

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कैसे काम करता है यह सिस्टम?

इस फीचर को सेटअप करते समय मुख्य अकाउंट होल्डर को नियंत्रण के लिए दो बेहतरीन विकल्प मिलते हैं:

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अंतिम मंजूरी (Approve Every Payment): इसमें दूसरा यूजर जब भी कोई पेमेंट करेगा, तो आपके प्राइमरी फोन पर नोटिफिकेशन आएगा। आपकी मंजूरी (Approval) के बाद ही पैसे कटेंगे।

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तय लिमिट (Set Auto-Pay Limit): इसमें आप एक निश्चित मंथली या डेली लिमिट (जैसे ₹1000 या ₹2000) तय कर सकते हैं। उस लिमिट तक दूसरा अकाउंट बिना आपकी बार-बार मंजूरी के ऑटोमैटिक पेमेंट कर सकेगा।

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UPI Circle या Pocket Money फीचर को कैसे सेटअप करें?

इस फीचर को शुरू करने की प्रक्रिया बेहद आसान है। नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके आप इसे एक्टिवेट कर सकते हैं:

स्टेप 1: सबसे पहले अपने प्राइमरी फोन में गूगल पे, फोनपे या अपना मुख्य यूपीआई ऐप ओपन करें।
स्टेप 2: ऐप के भीतर UPI Circle या Pocket Money के विकल्प को सर्च करें।
स्टेप 3: यहां आपको Invite Dependent (डिपेंडेंट को आमंत्रित करें) का ऑप्शन दिखेगा, उस पर क्लिक करें।
स्टेप 4: अब उस दूसरे मोबाइल नंबर को सिलेक्ट करें जिसे आप अपने सर्कल में जोड़ना चाहते हैं।
स्टेप 5: इसके बाद सामने वाले फोन के यूपीआई आईडी (UPI ID) या क्यूआर कोड (QR Code) को स्कैन करें।
स्टेप 6: सुरक्षा और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए आपको अपने आधार नंबर (Aadhaar Number) के जरिए ऑथेंटिकेशन या री-वेरिफिकेशन करना पड़ सकता है।
स्टेप 7: अंत में, अपनी सुविधा के अनुसार हर पेमेंट पर अप्रूवल या पेमेंट लिमिट का विकल्प चुनें।

यह प्रक्रिया पूरी होते ही दूसरा फोन आपके यूपीआई सर्कल से जुड़ जाएगा और आप बिना किसी परेशानी के दोनों डिवाइस से बेफिक्र होकर सुरक्षित लेनदेन कर सकेंगे।