विदेश घूमने जाएं और वहां से सोने के गहने खरीदकर न लाएं, ऐसा तो हो ही नहीं सकता. दुबई, सिंगापुर या बैंकॉक से खरीदारी करके लौटते वक्त ज्वेलरी की चमक देखकर चेहरे पर खुशी होना तो लाजिमी है, लेकिन यह खुशी एयरपोर्ट पर उतरते ही काफूर हो सकती है अगर आपको कस्टम्स के नियम (Customs Rules) नहीं पता हैं. जी हां! भारतीय कस्टम्स विभाग के कुछ सख्त नियम हैं कि कोई भी महिला यात्री बिना टैक्स (Duty-Free) दिए कितना सोना अपने साथ ला सकती है.

अगर आप भी जल्द ही भारत लौटने की तैयारी कर रही हैं, तो शॉपिंग बैग पैक करने से पहले ये 10 गोल्डन रूल्स जरूर जान लें, वरना एयरपोर्ट पर एक्स्ट्रा चार्ज और पूछताछ का चक्कर लग सकता है.

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कस्टम्स रूल्स जानना क्यों जरूरी है?

दुबई का गोल्ड कितना भी लुभावना क्यों न लगे, एयरपोर्ट पर उतरते ही सबसे पहला सामना 'कस्टम्स' से होता है. अगर नियमों का ज्ञान नहीं होगा, तो एयरपोर्ट पर बेवजह की देरी, झंझट और भारी-भरकम टैक्स भरना पड़ सकता है.

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महिलाओं के लिए फ्री लिमिट (Duty-Free Limit) कितनी है?
अगर आप महिला हैं, तो आप 40 ग्राम तक सोने के गहने बिना कोई कस्टम ड्यूटी (टैक्स) दिए भारत ला सकती हैं. लेकिन ठहरिए! इसमें एक ट्विस्ट भी है.

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सिर्फ ग्राम नहीं, वैल्यू पर भी ध्यान दें!
40 ग्राम की लिमिट के साथ ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) की मैक्सिमम वैल्यू की शर्त भी जुड़ी है. यानी आपके 40 ग्राम से कम वजन वाले गहनों की कुल कीमत भी 1 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. अगर वैल्यू 1 लाख से ऊपर गई, तो टैक्स देना पड़ेगा.

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किसे मिलता है इस छूट का फायदा?
यह छूट हर किसी के लिए नहीं है. यह फायदा सिर्फ उन भारतीय निवासियों (Indian Residents) या भारतीय मूल के पर्यटकों (Tourists of Indian Origin) को मिलता है, जो 1 साल से अधिक समय विदेश में बिताकर लौट रहे हैं.

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सिक्के और बिस्किट पर नहीं मिलेगी छूट!
याद रखें, 40 ग्राम की यह फ्री लिमिट सिर्फ पहनने वाले गहनों (Jewellery) पर लागू होती है. अगर आप सोने के सिक्के (Gold Coins), बिस्किट या सोने की ईंट (Bullion) ला रही हैं, तो उन पर यह नियम लागू नहीं होगा और उनके अलग से सख्त नियम हैं.

बिल और रसीद संभाल कर रखें
शॉपिंग करते ही बिल को जेब या पर्स के किसी कोने में न फेंक दें. ज्वेलरी की रसीद या वैल्यूएशन पेपर अपने साथ रखें. एयरपोर्ट पर कस्टम्स ऑफिसर के पूछने पर अगर आप सही बिल दिखा देती हैं, तो आपका काम मिनटों में आसान हो जाएगा.

ज्यादा ज्वेलरी है तो खुद डिक्लेयर करें
अगर आपके गहने तय लिमिट से ज्यादा हैं, तो खुद समझदारी दिखाएं और 'रेड चैनल' चुनकर कस्टम्स अधिकारियों को इसकी जानकारी दें. ग्रीन चैनल से छुपकर निकलने की कोशिश पकड़े जाने पर भारी जुर्माना लगवा सकती है.

पर्सनल ज्वेलरी और कमर्शियल इंपोर्ट में अंतर
खुद के पहनने के लिए लाए गए गहनों को कस्टम्स अलग नजरिए से देखता है. लेकिन अगर आप भारी मात्रा में ज्वेलरी बेचकर मुनाफा कमाने (Commercial Import) के मकसद से ला रही हैं, तो इसे पैसेंजर बैगेज में लाने की इजाजत बिल्कुल नहीं है.

सरकारी नियमों पर नजर रखें
सोने के दाम, टैक्स की दरें और बैगेज रूल्स समय-समय पर बदलते रहते हैं. इसलिए अपनी फ्लाइट में बैठने से पहले इंडियन कस्टम्स (Indian Customs) की आधिकारिक वेबसाइट पर लेटेस्ट नोटिफिकेशन जरूर चेक कर लें.

पूरी तैयारी के साथ ट्रैवल करें
सही कागजात, वजन की जानकारी और लिमिट का ध्यान रखकर आप बिना किसी सिरदर्द के अपने खूबसूरत गहनों के साथ भारत में कदम रख सकती हैं.