मुंबई: देश के सबसे बड़े निजी ऋणदाता HDFC बैंक ने मंगलवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए स्वतंत्र बाहरी लॉ फर्म्स (Independent Law Firms) को नियुक्त करने की घोषणा की है। ये फर्में पूर्व पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे की समीक्षा करेंगी। चक्रवर्ती ने पिछले हफ्ते बैंक के भीतर नैतिकता और मूल्यों (Values and Ethics) के साथ असहमति जताते हुए पद छोड़ दिया था।
ऐसा लग रहा है कि HDFC बैंक में वैल्यूज और एथिक्स की जंग चल रही है। जहां एक ओर पूर्व चेयरमैन के इस्तीफे ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं यह भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या देश का सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक किसी बड़े संकट की ओर बढ़ रहा है? देखिए पूरी इनसाइड रिपोर्ट।
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बैंक की सफाई: कोई गड़बड़ी नहीं हुई
स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में HDFC बैंक ने स्पष्ट किया है कि अतनु चक्रवर्ती ने अपने पत्र में ऐसी किसी विशेष घटना या अभ्यास का जिक्र नहीं किया है जो उनके व्यक्तिगत मूल्यों के खिलाफ हो। बैंक का कहना है कि यह जांच केवल एक "स्वतंत्र और वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन" (Objective Assessment) सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है, ताकि निवेशकों का भरोसा बना रहे।
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क्या लिखा था अतनु चक्रवर्ती ने?
अतनु चक्रवर्ती ने 18 मार्च को इस्तीफा देते हुए लिखा था कि पिछले दो वर्षों में बैंक के भीतर कुछ ऐसी घटनाएं और प्रथाएं (Happenings and Practices) मैंने देखी हैं, जो मेरे व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं हैं। यही मेरे फैसले का आधार है। हालांकि, बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका इस्तीफा बैंक में किसी वित्तीय धोखाधड़ी या गलत काम से नहीं जुड़ा है।
व्हिसलब्लोअर शिकायतों का पहाड़
भले ही बैंक किसी भी तरह के गवर्नेंस संकट से इनकार कर रहा है, लेकिन मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक में पिछले कुछ सालों में शिकायतों की बाढ़ आई है। FY20 से FY25 के बीच कुल 747 व्हिसलब्लोअर शिकायतें मिलीं। FY25 के आंकड़े बताते हैं कि 97 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 41 पर कार्रवाई की गई। इनमें फंड की हेराफेरी, जालसाजी और अनुचित व्यावसायिक व्यवहार जैसे गंभीर मामले शामिल थे।
सीनियर अधिकारियों का एग्जिट और मार्केट पर असर
यह विवाद ऐसे समय में आया है जब पिछले एक हफ्ते में बैंक के तीन वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस्तीफा दिया है। यह इस्तीफा क्रेडिट सुइस (Credit Suisse) के एडिशनल टियर-1 बॉन्ड की कथित गलत बिक्री (Mis-selling) की आंतरिक जांच के बाद हुआ है। इन लगातार झटकों की वजह से शेयर बाजार में HDFC बैंक के शेयरों पर भारी दबाव देखा जा रहा है।
केकी मिस्त्री को मिली कमान
संकट के बीच, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने केकी मिस्त्री को तीन महीने की अवधि के लिए अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। उन्होंने 19 मार्च से कार्यभार संभाल लिया है।