HDFC Bank Crisis: एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पूर्व चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती के सनसनीखेज इस्तीफे के बाद अब दिग्गज ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज (Jefferies) ने बैंक के शेयरों से पूरी तरह बाहर निकलने (Exit) का फैसला किया है। जेफरीज के इस कड़े कदम और वैल्यू व एथिक्स (मूल्यों और नैतिकता) के विवाद ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिससे आज बैंक के शेयरों में 2.7% की और गिरावट दर्ज की गई।
पोर्टफोलियो से बाहर और भारत का वेटेज कम
जेफरीज ने एशिया (जापान को छोड़कर), ग्लोबल और इंटरनेशनल लॉन्ग-ओनली इक्विटी पोर्टफोलियो से एचडीएफसी बैंक की हिस्सेदारी खत्म कर दी है। इसकी जगह ब्रोकरेज ने HSBC को 4% वेटेज के साथ शामिल किया है। इस बदलाव के कारण जेफरीज के ओवरऑल पोर्टफोलियो में भारत का वेटेज भी कम हो गया है।
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अतानु चक्रवर्ती का इस्तीफा और गंभीर आरोप
विवाद की जड़ 18 मार्च को चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती का अचानक इस्तीफा है। उन्होंने अपने पत्र में बैंक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में बैंक के भीतर मैंने कुछ ऐसी घटनाएं और प्रथाएं देखी हैं, जो मेरे व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता (Values and Ethics) के अनुरूप नहीं हैं।
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हालांकि उन्होंने किसी विशिष्ट घटना का जिक्र नहीं किया, लेकिन सूत्रों के अनुसार एमडी और सीईओ शशिधर जगदीशन के नेतृत्व वाले प्रबंधन के साथ उनके मतभेद गहरे थे।
आरबीआई की नजर और गवर्नेंस रिस्क
रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया है ताकि उन मूल कारणों को समझा जा सके जिनकी वजह से चेयरमैन को पद छोड़ना पड़ा। जे.पी. मॉर्गन के विश्लेषकों का मानना है कि भले ही कोई विशिष्ट गड़बड़ी साबित न हुई हो, लेकिन नैतिकता जैसे शब्दों के इस्तेमाल से बैंक के प्रति निवेशकों का नजरिया (Sentiment) बिगड़ गया है, जिससे शेयरों पर 'गवर्नेंस रिस्क प्रीमियम' बढ़ सकता है।
बाजार में कोहराम: एक महीने में 14% डूबे शेयर
आज एनएसई (NSE) पर एचडीएफसी बैंक के शेयर ₹761.35 पर कारोबार कर रहे थे, जो कल के मुकाबले 2.7% नीचे हैं। पिछले एक महीने में बैंक के शेयरों में 14% से अधिक की भारी गिरावट आ चुकी है। फिलहाल केकी मिस्त्री को अंतरिम चेयरमैन नियुक्त किया गया है, लेकिन बाजार को अब भी प्रबंधन की ओर से ठोस स्पष्टीकरण का इंतजार है।