नोएडा टू कानपुर केवल साढ़े 3 घंटे में, जानें Greenfield Expressway से और क्या-क्या फायदा

Greenfield Expressway: देश में कुल 22 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे बनाने का प्लान है। ग्वालियर-आगरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के बनने से तीन राज्य मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बीच कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी।

Shaktipeeth Expressway

Greenfield Expressway: देशभर में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए कई एक्सप्रेस वे का निर्माण किया जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर से होकर एक ऐसा एक्सप्रेस वे गुजरने वाला है जिससे कानपुर तक विकास होगा। जिसके बनने से नोएडा से कानपुर का सफर केवल साढ़े 3 घंटे में पूरा कर लिया जाएगा। वर्तमान में दोनों शहरों के सफर में 8 घंटे का समय लगता है। जानिए देश में कितने ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे बनाए जा रहे हैं और यह सामान्य एक्सप्रेस वे से कैसे अलग होते हैं?

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1- आगरा-अलीगढ़ ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे

यूपी में आगरा-अलीगढ़ ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे का निर्माण किया जाएगा, जिसका काम 2025 में शुरू होगा। यह ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे 65 किमी लंबा होगा। 4 लेन एक्सप्रेस वे को बनाने में करीब 3200 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके बनने से आगरा से अलीगढ़ पहुंचने में ढाई घंटे के बजाय महज एक घंटा लगेगा।

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2- FNG एक्सप्रेस वे

दिल्ली एनसीआर की यात्रा करने वाले लोगों को भी जल्द ही राहत मिल सकती है। क्योंकि FNG (फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद) एक्सप्रेस वे को बनाने की तैयारी तेज हो गई है। फरीदाबाद-गाजियाबाद और नोएडा को जोड़ने वाले FNG एक्सप्रेस वे से रियल स्टेट सेक्टर में भी तेजी से विकास होने की संभावना है। फोटो में देखिए यात्रा का कितना समय कम हो जाएगा।

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Greenfield Expressway

3- ग्वालियर-आगरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे

88.4 किलोमीटर लंबा ग्वालियर-आगरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे से देश में कनेक्टिविटी मिलेगी। इस प्रोजेक्ट से मध्य प्रदेश के ग्वालियर और उत्तर प्रदेश के आगरा के बीच की दूरी कम हो जाएगी। इसके अलावा इस एक्सप्रेस वे से मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बीच कनेक्टिविटी आसान हो जाएगी। इस एक्सप्रेस वे के बनने से तीनों राज्यों में ही यात्रा का समय कम हो जाएगा।

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4- गाजियाबाद-कानपुर एक्‍सप्रेस वे

380 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे उत्तर प्रदेश के 9 जिलों को जोड़ेगा। इससे नोएडा से कानपुर की दूरी घटकर केवल साढ़े 3 घंटे ही रह जाएगी। इस हाईवे से अलीगढ़, कासगंज, फरूखाबाद, कन्‍नौज, हापुड़, बुलंदरशहर और उन्‍नाव को जोड़ा जाएगा। इसके अलावा 16 किलोमीटर लंबा होगा एक्सप्रेस वे बनाया जाएगा जो एयरपोर्ट से चोला तक रेलवे लाइन के साथ जोड़ा जाएगा। यह उत्तर प्रदेश का सबसे छोटा एक्सप्रेस वे होगा।

5- ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे कैसे होते हैं?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, देशभर में करीब 22 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे बनाए जाने हैं। आमतौर पर एक्सप्रेस वे शहरों के बीच से निकाले जाते हैं। लेकिन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे को हरे मैदानों या खेतों के बीच में बनाया जाता है। इन एक्सप्रेस वे पर भीड़ कम होती है, साथ ही इसपर 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गाड़ी चला सकते हैं।

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लेखक के बारे में

Shabnaz

Shabnaz

शबनाज़ खानम एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो वर्तमान में न्यूज़24 में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने इंडिया डेली लाइव, ज़ी न्यूज़ सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों में विभिन्न पदों पर ज़िम्मेदारियां निभाई हैं। शबनाज़ ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। उन्हें डिजिटल और टीवी दोनों में काम करने का 5 साल का अनुभव प्राप्त है और वे अपने संपादन कौशल, बारीक नज़र और विस्तृत कहानी को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने के लिए जानी जाती हैं। काम के अलावा, उन्हें सिनेमा और लाइफस्टाइल पर बातचीत करना बेहद पसंद है, जो उनकी कहानी कहने की गहरी रुचि को दर्शाता है।
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