क्या है बड़ी सुविधा?
गौरतलब है कि भारतीय बैंकों द्वारा की गई घोषणाओं के अनुसार, व्यापारियों को अपने मौजूदा QR कोड को बदलने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्हें अपने स्टोरफ्रंट पर या बैंकिंग मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से केवल एक क्यूआर कोड प्रदर्शित करने की आवश्यकता होगी जो सीबीडीसी भुगतान भी स्वीकार करेगा। इसका मतलब है, मौजूदा क्यूआर कोड इंटरऑपरेबल होगा, जिससे एक सरल क्यूआर भुगतान स्वीकृति टर्मिनल की अनुमति मिलेगी। यह कई भुगतान विकल्पों के माध्यम से स्कैन और भुगतान सुविधा को समायोजित करेगा। इसके अलावा, पात्र बैंकों के डिजिटल रुपया ग्राहक यूपीआई क्यूआर कोड को स्कैन करके अपने डिजिटल रुपया (सीबीडीसी) वॉलेट में उपलब्ध धनराशि का उपयोग करके लेनदेन कर सकते हैं। SBI दिसंबर 2022 में RBI की खुदरा डिजिटल ई-रुपी परियोजना में भाग लेने वाले पहले कुछ बैंकों में से एक था।---विज्ञापन---
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