सोने के कमजोर प्रदर्शन के पीछे का व्यापक मैक्रो बैकग्राउंड, ब्याज दरों की उम्मीदों में आया तेज बदलाव है। डॉलर के मजबूत होने की वजह यही बदलाव है, जबकि सोने का आउटलुक—जो फेडरल रिजर्व की नई लीडरशिप के तहत कम पॉलिसी दरों की उम्मीदों से जुड़ा था—इस धातु के लिए नुकसानदायक साबित हुआ है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया (MCX) पर सोमवार के सत्र की शुरुआत में सोने और चांदी की कीमतें कमजोर रहीं। इसकी वजह यह थी कि तेल-समृद्ध मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण अमेरिकी डॉलर मजबूत हो रहा था, जिसका असर कीमती धातुओं पर पड़ा।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया पर शुरुआती कारोबार में, जून डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव 0.68% या 10 ग्राम पर 1,000 रुपये गिरकर 1,46,255 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गए। अप्रैल और अगस्त की मैच्योरिटी वाले कॉन्ट्रैक्ट्स में भी लगभग 0.6% की गिरावट दर्ज की गई।
इसी एक्सचेंज पर, मई डिलीवरी वाली चांदी के वायदा भाव लगभग 0.5% या 1,059 रुपये प्रति किलोग्राम गिरकर 2,26,895 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गए।
पिछले हफ्ते चांदी में काफी समय से चली आ रही गिरावट के बाद मजबूत साप्ताहिक रिकवरी देखने को मिली। इसकी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हुई बढ़त थी, जहां कीमतों में तेजी से उछाल आया।
अमेरिकी इक्विटी बाजारों में कमजोरी के चलते सेफ-हेवन (सुरक्षित निवेश) की मांग को समर्थन मिला, हालांकि बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और तेल की कीमतों में मजबूती के बीच सोने की मांग में कुछ नरमी देखने को मिली।
इस महीने अब तक सोने की कीमतों में 15% से ज्यादा की गिरावट आई है। अक्टूबर 2008 के बाद यह सोने की कीमतों में सबसे बड़ी मासिक गिरावट है, जिसका मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर का मज़बूत होना है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल का ईरान के साथ संघर्ष शुरू होने के बाद से इस मुद्रा की कीमत में 2% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है।
Gold Silver Rate Today 30 March Live Update: अंतरराष्ट्रीय बाजार में भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण आज सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है। निवेशक इस समय ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली कर रहे हैं, जिससे बाजार में एक अस्थायी सुधार (Correction Phase) नजर आ रहा है।
गिरावट के पीछे 3 बड़े कारण
महंगा कच्चा तेल: कच्चे तेल की कीमतें $116 के पार जाने से वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। इससे केंद्रीय बैंकों (जैसे US Fed) द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है, जो सोने की कीमतों के लिए नकारात्मक संकेत है।
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मुनाफावसूली: पिछले कुछ हफ्तों में सोने ने जो रिकॉर्ड बढ़त बनाई थी, उसके बाद अब निवेशक अपना पैसा निकाल रहे हैं।
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डॉलर की मजबूती: युद्ध की स्थिति में सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की मांग बढ़ी है, जिससे अन्य मुद्राओं के लिए सोना महंगा हो गया है।
क्या और गिरेगा सोना? जानें इस हफ्ते का अनुमान
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस हफ्ते सोने और चांदी की चाल 'वोलाटाइल' (अस्थिर) बनी रहेगी। निवेशकों की नजर इन मुख्य बिंदुओं पर है:
जेरोम पॉवेल का बयान: आज सोमवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल का संबोधन होना है। उनके संकेतों से तय होगा कि आने वाले समय में ब्याज दरें कितनी बढ़ेंगी।
ईरान-अमेरिका युद्ध: युद्ध की स्थिति में होने वाला कोई भी बड़ा बदलाव रातों-रात कीमतों को ऊपर-नीचे कर सकता है।
आर्थिक आंकड़े: इस हफ्ते आने वाले प्रमुख वैश्विक आर्थिक आंकड़े बाजार की दिशा तय करेंगे।
Gold Silver Rate Today: MCX पर सुबह का ताज़ा भाव (30 मार्च 2026)
सोना (Gold): ₹1,46,550 के करीब (-0.48% की गिरावट)
चांदी (Silver): ₹2,27,340 के करीब (-0.27% की गिरावट)
क्या अभी सोना खरीदना चाहिए? विशेषज्ञों की सलाह
जानकारों का कहना है कि जब तक युद्ध की स्थिति साफ नहीं होती, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी। अगर आप लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो इस गिरावट (Dip) को खरीदारी के मौके के तौर पर देख सकते हैं, लेकिन एकमुश्त पैसा लगाने के बजाय किश्तों में निवेश करना बेहतर होगा।