Gold Rate New Rules: आज 1 अप्रैल 2026 से नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही सोने में निवेश करने वालों के लिए नियम बदल गए हैं। अगर आप फिजिकल सोने के बजाय डिजिटल गोल्ड या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) में पैसा लगाते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। सरकार ने अब SGB पर मिलने वाले मुनाफे को टैक्स के दायरे में लाने का फैसला किया है।

क्या है नया नियम?

अब तक सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) को मैच्योरिटी (8 साल) तक होल्ड करने पर मिलने वाला कैपिटल गेन पूरी तरह टैक्स फ्री होता था। लेकिन 1 अप्रैल 2026 से इसमें एक बड़ा बदलाव किया गया है:

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किसे देना होगा टैक्स: यह टैक्स उन निवेशकों पर लगेगा जिन्होंने SGB को 'सेकेंडरी मार्केट' (शेयर बाजार) से खरीदा है। यानी अगर आपने इश्यू के समय सीधे सरकार से बॉन्ड नहीं खरीदा और बाद में किसी और से खरीदा है, तो आपको टैक्स देना होगा।

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किसे मिलेगी छूट: जिन निवेशकों ने SGB को शुरू से (Primary Issue) खरीदा है और मैच्योरिटी तक उसे होल्ड करके रखते हैं, उन्हें अभी भी टैक्स में छूट मिलती रहेगी।

कितना लगेगा टैक्स?
SGB पर अब वही टैक्स नियम लागू होंगे जो वर्तमान में गोल्ड ETF या सिल्वर ETF पर लगते हैं। इसे कैपिटल गेन टैक्स के आधार पर दो भागों में बांटा गया है:

शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG): अगर आप निवेश के 3 साल के भीतर बॉन्ड बेचते हैं, तो होने वाला मुनाफा आपकी कुल आय में जोड़ दिया जाएगा और आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगेगा।

लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG): अगर आप 3 साल के बाद बॉन्ड बेचते हैं, तो मुनाफे पर 20% (इंडेक्सेशन के साथ) या सरकार द्वारा तय नई दरों के हिसाब से टैक्स देना होगा।

निवेशकों के लिए काम की सलाह:
अगर आप टैक्स बचाना चाहते हैं, तो कोशिश करें कि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को सीधे RBI के प्राइमरी इश्यू के दौरान ही खरीदें। शेयर बाजार से SGB खरीदते समय अब आपको मिलने वाले रिटर्न में से टैक्स की कटौती का हिसाब पहले ही लगा लेना चाहिए।