अब गिग वर्कर्स को भी मिलेगी पेंशन, सरकार बना रही EPFO 3.0 का मास्टर प्लान; इन कर्मचारियों को भी मिल सकता है लाभ
Author: Akarsh Shukla
2026-07-21 14:46:20
देश के करोड़ों कर्मचारियों के लिए जल्द ही एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आ सकती है. केंद्र सरकार EPFO के ढांचे को पूरी तरह बदलने की तैयारी में है और इसके लिए EPFO 3.0 नाम के प्लान पर काम चल रहा है. आपको मालूम होगा कि अब तक पेंशन का लाभ सिर्फ नौकरीपेशा लोगों तक ही सीमित है, लेकिन नई योजना शुरू होने के बाद EPFO का लाभ गिग वर्कर्स को भी मिलेगा. इसके साथ ही EPFO 3.0 का फायदा प्लेटफॉर्म वर्कर्स, फ्रीलांसर और असंगठित क्षेत्र से जुड़े लोग भी इसके दायरे में आ सकते हैं. हालांकि सरकार की ओर से अभी इसकी औपचारिक घोषणा नहीं हुई है और लागू होने की कोई तारीख भी तय नहीं की गई है.
EPFO खाता धारक को सरकार देगी दो ऑप्शन
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, EPFO 3.0 योजना निर्धारित योगदान मॉडल पर आधारित होगी. आसान भाषा में कहें तो पीएफ का पैसा सरकारी खाते में निवेश किया जाएगा, जिसका कर्मचारी को हर साल इंट्रेस्ट भी मिलेगा. काम छोड़ने या रिटायरमेंट के समय ईपीएफओ खाता धारक को जमा राशि से एन्युइटी प्लान खरीदने का विकल्प दिया जाएगा जिससे वो हर महीने तय पेंशन का लाभ ले सकेगा या फिर सिस्टमैटिक विदड्रॉल प्लान चुनकर जरूरत के मुताबिक पैसा निकालने का विकल्प चुन सकता है.
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टारगेट रिटायरमेंट सम का भी फीचर
सरकार की इस योजना में एक और खास फीचर टारगेट रिटायरमेंट सम का है, जिसके तहत ईपीएफओ खाता धारक पहले से यह तय कर सकेंगे कि उन्हें रिटायरमेंट पर कुल कितनी रकम चाहिए. इसी आधार पर सिस्टम हर महीने या साल की जरूरी बचत का अनुमान देगा. हर खाता धारक को एक डिजिटल डैशबोर्ड भी मिलने की बात कही जा रही है, जिस पर वह अपनी बचत, अनुमानित पेंशन और महंगाई के असर से जुड़ी जानकारी रियल टाइम में देख सकेगा.
2.5 करोड़ गिग वर्कर्स को किया जा सकता है शामिल
गौरतलब है कि इस योजना में योगदान केवल कर्मचारी और नियोक्ता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकार, गिग प्लेटफॉर्म, सीएसआर फंड और अन्य संस्थाएं भी योगदान दे सकेंगी. यानी फूड डिलीवरी या कैब सेवा से जुड़े कामगारों के खाते में संबंधित कंपनियां भी रकम जमा कर सकेंगी. अनुमान है कि अगले पांच वर्षों में करीब 2.5 करोड़ गिग और मैन्युफैक्चरिंग कर्मचारियों को इस दायरे में लाया जा सकता है.
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