भारतीयों के लिए मनोरंजन के सबसे बड़े साधन FM रेडियो पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। क्योंकि HT Media ने एक फैसला किया है, जिससे रेडियो इंडस्ट्री में खलबली मच गई है। कंपनी ने अपने रेडियो लाइसेंस को सरेंडर करने का फैसला किया है। क्योंकि सरकारी नीतियों की वजह से रेडियो इंडस्ट्री को बचाना बेहद मुश्किल होता जा रहा है। इसलिए रेडियो इंडस्ट्री के कुछ विशेषज्ञों ने इसे बचाने के लिए 4 सूत्रीय फॉर्मूला पेश किया है, ताकि इंडस्ट्री को डूबने से बचाया जा सके।

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इंडस्ट्री को बचाने के लिए दिए गए ये सुझाव

सुझाव दिया गया है कि साल 2030 के बाद FM रेडियो के लिए फेज-3 के लाइसेंस एक्सटेंशन पर 4 प्रतिशत एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) मॉडल लागू किया जाए। FM रेडियो के लाइसेंस के लिए ऑक्शन न की जाए और मौजूदा लाइसेंस को 25 साल तक का एक्सटेंशन दिया जाए। मोबाइल और स्मार्टफोन पर FM रेडियो रिसीवर को एक्टिवेट करना अनिवार्य किया जाएगा। इसके अलावा केंद्र सरकार को FM रेडियो पर लगाए गए GST को 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करना चाहिए।

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HT मीडिया कंपनी ने क्या फैसला किया?

HT मीडिया ने FM रेडियो लाइसेंस सरेंडर करने की जानकारी स्टॉक एक्सचेंज को दी रेगुलेटरी फाइलिंग में दी। उन्होंने बताया कि कंपनी रेडियो नशा और रेडियो वन का लाइसेंस सरेंडर करेगी। फीवर FM ब्रांड के तहत चलने वाले रेडियो स्टेशनों के लाइसेंस सरेंडर करने पर भी बोर्ड मीटिंग में सहमति बन गई है। 15 जून 2026 से मुंबई में रेडियो नशा 91.9 FM, दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में रेडियो वन 94.3 FM और चेन्नई में फीवर 91.9 FM की ऑपरेशनल सर्विस और ब्रॉडकास्टिंग बंद हो सकती है।

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टीवी टूडे नेटवर्क ने भी बंद किया रेडियो

बता दें कि रेडियो इंडस्ट्री का एक-एक करके सभी छोड़ रहे हैं। HT मीडिया से पहले TV Today Network भी रेडियो सर्विस बंद कर चुका है। Big FM पर भी दिवालिया होने के कारण कार्रवाई हो चुकी है। RED FM ने लाइसेंस सरेंडर करके मुंबई में Magic FM को बंद कर दिया है। इसक अलावा भी कई रेडियो कंपनियां अपने स्टेशन बंद कर चुकी हैं, जिस वजह से हजारों लोगों की नौकरियां भी चली गई थीं। बता दें कि DTH के अलावा FM रेडियो सेक्टर ही सरकार को लाइसेंस फीस देता है।

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