जेवर/नोएडा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट- नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन कर दिल्ली-एनसीआर को एक बड़ी सौगात दी। लेकिन इस विकास की सबसे दिलचस्प तस्वीर एयरपोर्ट के आसपास के गांवों से आ रही है, जहां भूमि अधिग्रहण के मुआवजे ने किसानों की जीवनशैली को पूरी तरह बदल दिया है।
15 करोड़ रुपये और हेलीकॉप्टर का शौक
सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में किशोरपुर और आसपास के गांवों के किसानों के शौक चर्चा का विषय बने हुए हैं। एयरपोर्ट निर्माण में लगे एक उप-ठेकेदार के अनुसार, एक स्थानीय किसान को उसकी जमीन के बदले लगभग 15 करोड़ रुपये का मुआवजा मिला। दावा किया जा रहा है कि इस राशि से किसान ने न केवल अपने शौक पूरे किए बल्कि एक हेलीकॉप्टर भी खरीदा है। इतना ही नहीं, यह किसान अब अपने दोस्तों के साथ थाईलैंड की सैर पर जाने की योजना बना रहा है।
---विज्ञापन---
फर्श से अर्श तक: अजय बेनीवाल की कहानी
दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट के अनुसार बदलाव की एक और मिसाल अजय बेनीवाल हैं। अजय बताते हैं कि पहले वे क्षेत्र के सबसे गरीब लोगों में से एक थे, लेकिन एयरपोर्ट प्रोजेक्ट ने उनके दिन बदल दिए। आज वे एयरपोर्ट साइट पर मजदूरों के लिए एक छोटी सर्विस चलाकर हर महीने ₹60,000 कमा रहे हैं। यहां मजदूर काम पर जाते समय अपना हेलमेट और चाबियां सुरक्षित जमा करते हैं।
---विज्ञापन---
रियल एस्टेट में सुनामी जैसा उछाल
एयरपोर्ट की शुरुआत के साथ ही आसपास की जमीनों के दाम आसमान छू रहे हैं। कमर्शियल प्रॉपर्टी के लिए इंक्वायरी में 75% और रिहायशी के लिए 56% की बढ़ोतरी हुई है। नोएडा के माइक्रो-मार्केट्स ने पिछले कुछ समय में 5 गुना तक रिटर्न दिया है। यमुना एक्सप्रेसवे पर प्लॉट की कीमतों में 536% और अपार्टमेंट की कीमतों में 158% का भारी उछाल दर्ज किया गया है।
70 मिलियन यात्रियों का लक्ष्य
पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत तैयार यह एयरपोर्ट पहले चरण में सालाना 12 मिलियन यात्रियों को हैंडल करेगा। भविष्य में इसका विस्तार 70 मिलियन यात्रियों तक किया जाएगा, जिससे दिल्ली के आईजीआई (IGI) एयरपोर्ट का बोझ काफी कम होगा।