पोस्ट ऑफिस में आपको लॉन्ग टर्म और अल्पकालिक, दोनों तरह के निवेश ऑप्शन मिल जाएंगे. निवेशक अपनी जरूरत के हिसाब से चुनाव कर सकते हैं. लेकिन ये बात जानने वाली है कि इनमें से सभी स्कीमें टैक्स फ्री नहीं होती हैं. वास्तव में, कुछ डाकघर स्कीमों पर जो ब्याज आता है, उस पर टैक्स लगता है और इन स्कीमों में निवेश आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80सी के तहत कटौती के लिए योग्य नहीं हो सकता है.
यह बात ध्यान देने वाली है कि स्रोत पर टैक्स कटौती (टीडीएस) तब होती है जब भुगतान का मूल्य सीमा से अधिक हो. पूर्व निर्धारित सीमा से कम राशि पर टीडीएस लागू नहीं होता है.
यहां कई डाकघर लघु बचत योजनाओं के बारे में बताया गया है, जिनमें वे योजनाएं भी शामिल हैं जिनमें स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) का प्रावधान है.
रेकरिंग डिपोजिट
डाकघर आपके रेकरिंग डिपोजिट निवेश पर अर्जित ब्याज से स्रोत पर कर काटेगा. यदि राशि निर्धारित सीमा से कम है, तो डाकघर में जमा की गई आवर्ती जमाओं से कोई कर नहीं काटा जाएगा.
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (एससीएसएस)
एक वित्तीय वर्ष में 1 लाख रुपये से अधिक अर्जित ब्याज पर टीडीएस काटा जाता है. वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (एससीएसएस) के तहत, एक वित्तीय वर्ष में 1.5 लाख रुपये तक की जमा राशि पर आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80सी के तहत कर लाभ उपलब्ध हैं.
राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी)
सावधि जमा के विपरीत, एनएससी में अर्जित ब्याज पर टीडीएस लागू नहीं होता है. एक वित्तीय वर्ष में एनएससी में 1.5 लाख रुपये तक की जमा राशि आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत कर लाभ के लिए योग्य है
किसान विकास पत्र (KVP)
KVP धारा 80C के तहत कटौती के लिए योग्य नहीं है. साथ ही, KVP पर सालाना मिलने वाला ब्याज कर योग्य है. हालांकि, योजना की परिपक्वता के बाद की गई निकासी पर स्रोत पर कर कटौती (TDS) नहीं लगती.
PPF
PPF निवेश पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह से कर-मुक्त होने के कारण TDS नहीं काटा जाता है.
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)
इस योजना में कोई TDS कटौती नहीं होती है. यह योजना छूट-छूट-छूट श्रेणी में आती है, जहां एक वित्तीय वर्ष में 1.5 लाख रुपये तक की जमा राशि, अर्जित ब्याज और परिपक्वता राशि कर-मुक्त होती है.
डाकघर सावधि जमा (FD)
5-वर्षीय डाकघर सावधि जमा को छोड़कर, जो धारा 80C के तहत कटौती के लिए योग्य है, अर्जित ब्याज पर TDS लागू होता है. हालाँकि, यदि कुल ब्याज आय (1 वर्ष, 2 वर्ष या 3 वर्ष की अवधि से) सीमा पार कर जाती है, तो टीडीएस काटा जाएगा.
मासिक आय योजना (एमआईएस)
डाकघर एमआईएस से अर्जित ब्याज पूरी तरह से कर योग्य है. अगर कुल वार्षिक ब्याज भुगतान सीमा (सामान्य नागरिकों के लिए 50,000 रुपये और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 1 लाख रुपये) से अधिक है, तो डाकघर द्वारा टीडीएस काटा जाएगा.
संबंधित खबरें
दिवाली से पहले सोने-चांदी के दाम धड़ाम, जानें MCX के ताजा भाव
14 hrs agoSBI के धमाकेदार नतीजे, मुनाफा 14% बढ़कर 23,038 करोड़ रुपये पहुंचा
16 hrs agoदिल्ली में 30 नवंबर तक नहीं दिया कर्मचारियों को बोनस, तो होगी कार्रवाई
16 hrs agoUP की 1.9 करोड़ महिलाओं के खाते में आज आएगा मुफ्त सिलेंडर का पैसा
18 hrs agoधनतेरस से पहले सस्ता हुआ सोना और चांदी, चेक करें लेटेस्ट रेट्स
20 hrs agoक्या RBI जारी करेगा 1000 का नया नोट? PIB Fact Check ने बताई सच्चाई
22 hrs agoकच्चे तेल के दाम में बड़ी गिरावट, क्या सस्ता हो गया पेट्रोल-डीजल? चेक करें
22 hrs agoइन कर्मचारियों को मिलेगा 30 दिन का एडहॉक बोनस; खाते में आएंगे 6,908 रुपये
23 hrs agoभारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में अदाणी ग्रुप का बड़ा योगदान: जेफरी सैक्स
1 day agoएक सप्ताह में चांदी 13000 और सोना 1576 रुपये सस्ता, जानें आज का नया भाव
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines