नई दिल्ली: वैश्विक ऊर्जा सप्लाई की लाइफलाइन कहे जाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। पिछले 24 घंटों के भीतर इस बेहद संवेदनशील समुद्री मार्ग में कतर के एक एलएनजी (LNG) टैंकर और सऊदी अरब के एक क्रूड ऑयल टैंकर सहित तीन जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन से ताबड़तोड़ हमले किए गए हैं। इस ताजा सैन्य टकराव के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आग लग गई है और ब्रेंट क्रूड उछलकर 76 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।
कतर और सऊदी के टैंकरों को बनाया निशाना
ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूकेएमटीओ (UKMTO) के अनुसार, ओमान के तट के पास इन जहाजों पर मिसाइलें दागी गईं। कतर का अल रेकय्यात (Al Rekayyat) नाम का तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) टैंकर इस हमले का शिकार हुआ, जिसके इंजन रूम के पास मिसाइल लगने से भीषण आग लग गई और विस्फोट का खतरा पैदा हो गया। इसके साथ ही सऊदी अरब के कच्चे तेल से भरे सुपरटैंकर वेदयान (Wedyan) को भी निशाना बनाया गया, जिससे जहाज को गंभीर नुकसान पहुंचा है। हालांकि, राहत की बात यह है कि सभी जहाजों का चालक दल सुरक्षित है।
यह भी पढें : भारत में पेट्रोल डीजल की नई कीमतें जारी हुईं, चेक करें 8 जुलाई को क्या है पेट्रोल डीजल का भाव
ईरान पर लगा आरोप, कतर और सऊदी ने जताई नाराजगी
हमलों को लेकर कतर के विदेश मंत्रालय ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि इस कायराना हरकत के लिए पूरी तरह से तेहरान (ईरान) जिम्मेदार है। सऊदी अरब ने भी इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। दूसरी ओर, ईरानी सरकारी टेलीविजन ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि कतरी टैंकर समुद्री मार्ग में बार-बार दी जा रही चेतावनियों की अनदेखी कर रहा था, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने यह कदम उठाया। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान ने इस क्षेत्र में माइंस (समुद्री बारूदी सुरंगें) बिछाई हैं और वह जहाजों को केवल अपने पसंदीदा रूट से जाने के लिए मजबूर कर रहा है।
ईरान पर फिर लगा प्रतिबंध
इन हमलों ने वॉशिंगटन और तेहरान के बीच जून के अंत में हुए उस नाजुक सीजफायर समझौते को तोड़ दिया है, जिसके तहत इस जलमार्ग को दोबारा खोला गया था। हमलों से नाराज अमेरिकी राष्ट्रपति प्रशासन और व्हाइट हाउस ने सख्त कदम उठाते हुए ईरान को तेल बेचने के लिए दी गई विशेष छूट (Sanctions Waiver) को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में ईरान की यह हरकत पूरी तरह से अस्वीकार्य है और उसे इसके गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। अमेरिकी नौसेना के नेतृत्व वाले संयुक्त समुद्री सूचना केंद्र (JMIC) ने इस रूट पर खतरे के स्तर को महत्वपूर्ण से बढ़ाकर गंभीर (Severe) कर दिया है।
कच्चे तेल के बाजार में हड़कंप, भारत की बढ़ेगी चिंता?
दुनिया का लगभग 20% (एक-पांचवां हिस्सा) तेल और गैस इसी संकरे समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है। इस मार्ग में अस्थिरता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 72 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर निकल गया है, जबकि ब्रेंट क्रूड 76.22 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। अगर यह तनाव लंबा खिंचता है, तो भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों के लिए आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतें बढ़ने का बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।
संबंधित खबरें
दिवाली से पहले सोने-चांदी के दाम धड़ाम, जानें MCX के ताजा भाव
2 hrs agoSBI के धमाकेदार नतीजे, मुनाफा 14% बढ़कर 23,038 करोड़ रुपये पहुंचा
4 hrs agoदिल्ली में 30 नवंबर तक नहीं दिया कर्मचारियों को बोनस, तो होगी कार्रवाई
4 hrs agoUP की 1.9 करोड़ महिलाओं के खाते में आज आएगा मुफ्त सिलेंडर का पैसा
6 hrs agoधनतेरस से पहले सस्ता हुआ सोना और चांदी, चेक करें लेटेस्ट रेट्स
7 hrs agoक्या RBI जारी करेगा 1000 का नया नोट? PIB Fact Check ने बताई सच्चाई
10 hrs agoकच्चे तेल के दाम में बड़ी गिरावट, क्या सस्ता हो गया पेट्रोल-डीजल? चेक करें
10 hrs agoइन कर्मचारियों को मिलेगा 30 दिन का एडहॉक बोनस; खाते में आएंगे 6,908 रुपये
11 hrs agoभारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में अदाणी ग्रुप का बड़ा योगदान: जेफरी सैक्स
1 day agoएक सप्ताह में चांदी 13000 और सोना 1576 रुपये सस्ता, जानें आज का नया भाव
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines