वैश्विक बाजार और आम आदमी की जेब के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिका और ईरान के बीच आखिरकार एक ऐतिहासिक शांति समझौता (US-Iran Peace Deal) हो गया है, जिसके साथ ही दोनों देशों के बीच चल रहा युद्ध पूरी तरह समाप्त हो गया है। इस महा-समझौते के ऐलान के बाद सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों (Crude Oil Prices) में भूचाल आ गया और क्रूड ऑयल के दाम 4 फीसदी से भी ज्यादा टूट गए हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला, ट्रंप बोले- बहने दो तेल
इस शांति समझौते की मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि अमेरिका और ईरान आगामी शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करेंगे। इस डील के तहत लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तुरंत और स्थायी रूप से समाप्त करने पर सहमति बनी है।
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समझौते की पुष्टि करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ डील अब पूरी हो चुकी है। इसके साथ ही ट्रंप ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने का ऐलान किया। ट्रंप ने कहा कि मैं स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को टोल-फ्री खोलने और अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी को तुरंत हटाने का निर्देश देता हूं। दुनिया के जहाजों, अपने इंजन शुरू करो… तेल को बहने दो! दूसरी ओर, ईरान ने भी इस बात की पुष्टि की है कि अमेरिका के साथ हुए इस समझौते ने दोनों देशों के युद्ध का "तुरंत अंत" कर दिया है।
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कच्चे तेल के दामों में भारी गिरावट, $83 पर आया ब्रेंट क्रूड
दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल की आपूर्ति स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते ही होती है। इस रास्ते के दोबारा खुलने और युद्ध खत्म होने की खबर से वैश्विक तेल बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 3.95% की भारी गिरावट के साथ $83.88 प्रति बैरल पर आ गई है, जो $85 के मनोवैज्ञानिक स्तर से काफी नीचे है।
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वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड के दाम भी 4.68% फिसलकर $80.91 प्रति बैरल पर बंद हुए। बता दें कि इससे पहले पिछले शुक्रवार को भी दोनों तेल अनुबंधों (Contracts) में 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखी गई थी।
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भारत के लिए क्या हैं इसके मायने?
भारत अपनी जरूरत का करीब 85 फीसदी कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। पिछले दिनों इस युद्ध के कारण भारतीय तेल कंपनियों को भारी घाटा उठाना पड़ रहा था और देश में ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ गया था। अब वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम करीब 4% से ज्यादा टूटने और खाड़ी देशों से सप्लाई चेन बहाल होने के बाद, आने वाले दिनों में भारतीय बाजार में पेट्रोल, डीजल और कमर्शियल व घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडरों के दाम में बड़ी कटौती देखने को मिल सकती है, जिससे आम जनता को महंगाई से बड़ी राहत मिलेगी।
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