अगर आपके पास भी CNG गाड़ी है और आप दिल्ली-एनसीआर में गाड़ी चलाते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत काम की है. इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने सीएनजी स्टेशनों पर सुरक्षा नियमों को और सख्त कर दिया है. अब बिना वैध हाइड्रो टेस्ट सर्टिफिकेट (Hydro Test Certificate) के आपकी गाड़ी में CNG नहीं भरी जाएगी. सबसे खास बात यह है कि इसके लिए IGL ने एक ऑटोमेटेड AI आधारित सिस्टम शुरू कर दिया है, जो खुद कैमरे की मदद से आपकी गाड़ी का नंबर प्लेट पहचान कर सिलेंडर की जांच कर लेगा.
आइए, समझते हैं कि यह नया नियम क्या है और इससे आपको क्या-क्या ध्यान रखना होगा.
कैसे काम करेगा यह नया AI सिस्टम?
IGL ने फिलहाल दिल्ली-एनसीआर के 10 CNG स्टेशनों पर इस ऑटोमेटेड सिस्टम का ट्रायल शुरू कर दिया है, जिसे जल्द ही सभी 1000 से ज्यादा स्टेशनों पर लागू किया जाएगा. जैसे ही आप CNG स्टेशन पर गाड़ी लेकर पहुंचेंगे, वहां लगा स्मार्ट कैमरा आपकी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर या नंबर प्लेट तुरंत रीड कर लेगा.
AI सिस्टम इस नंबर को सीधे PESO (Petroleum and Explosives Safety Organization) के ऑनलाइन पोर्टल से कनेक्ट करके चेक करेगा कि आपके CNG सिलेंडर का हाइड्रो टेस्ट हुआ है या नहीं. जांच के बाद स्टेशन पर लगी LED स्क्रीन, हैंडहेल्ड डिवाइस और लाउडस्पीकर (Public Announcement) पर अलर्ट आ जाएगा कि आपकी गाड़ी में CNG भरी जा सकती है या नहीं.
बिना सर्टिफिकेट नहीं मिलेगी CNG
कंपनी ने साफ कर दिया है कि जिन वाहनों का हाइड्रो टेस्ट सर्टिफिकेट एक्सपायर हो चुका होगा, उन्हें किसी भी हाल में CNG नहीं दी जाएगी. स्टेशन पर मौजूद कर्मचारी और अधिकारी भी नियमित रूप से मैनुअल चेकिंग कर रहे हैं, ताकि सुरक्षा के साथ कोई समझौता न हो. IGL के नेटवर्क से करीब 21 लाख से ज्यादा CNG वाहन जुड़े हैं, इसलिए सुरक्षा के लिहाज से यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है.
कितने साल में कराना होता है हाइड्रो टेस्ट?
गैस सिलेंडर (संशोधित) नियम 2025 के नियम 35(1) के मुताबिक हर CNG गाड़ी के सिलेंडर का हाइड्रो टेस्ट हर 3 साल में एक बार कराना अनिवार्य है. यह टेस्ट सिर्फ PESO से मान्यता प्राप्त (PESO Approved) टेस्टिंग सेंटर से ही करवाया जाना चाहिए. टेस्ट पास होने के बाद सेंटर आपको एक प्लेट/सर्टिफिकेट देता है, जो दर्शाता है कि आपका सिलेंडर सुरक्षित है.
CNG कार मालिकों के लिए जरूरी टिप्स
अगर आपकी गाड़ी 3 साल से पुरानी है, तो तुरंत अपने CNG सिलेंडर का हाइड्रो टेस्ट सर्टिफिकेट चेक करें. अगर सर्टिफिकेट की मियाद खत्म हो गई है, तो नजदीकी रजिस्टर्ड टेस्टिंग सेंटर पर जाकर हाइड्रो टेस्ट करवा लें, ताकि स्टेशन पर पंप कर्मचारियों से बहस या परेशानी से बचा जा सके. CNG सिलेंडर में हाई प्रेशर गैस होती है, इसलिए समय पर जांच करवाना आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है.