क्या कभी आपके साथ ऐसा हुआ है कि आपने ऑनलाइन 500 रुपये का सामान चुना, लेकिन पेमेंट पेज तक पहुंचते-पहुंचते उसका बिल 600 रुपये हो गया? या फिर बिना पूछे ही बिल में 1-2 रुपये का डोनेशन या हैंडलिंग चार्ज जुड़ गया? इसे ही डिजिटल दुनिया में डार्क पैटर्न (Dark Patterns) कहते हैं. यह ऑनलाइन कंपनियों का एक ऐसा जाल होता है, जहां ऐप की डिजाइन के जरिए ग्राहकों को गुमराह करके उनसे ज्यादा पैसे वसूल लिए जाते हैं.
सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने इस तरह की चालाकियों पर कड़ा एक्शन लेते हुए Zepto, BookMyShow, Physics Wallah और IndiGo जैसी 9 बड़ी कंपनियों पर जुर्माना लगाया है. आइए जानते हैं कि कौन सी कंपनी क्या चालाकी कर रही थी और सरकार ने उन पर क्या कार्रवाई की है.
Zepto: छुपा हुआ चार्ज और जबरन मेंबरशिप, जुर्माना 7 लाख रुपये
जेप्टो ऐप पर पहले तो सामान के दाम कम दिखाए जाते थे, लेकिन आखिरी पेज पर हैंडलिंग चार्ज और जबरन मेंबरशिप फीस जोड़ दी जाती थी. इसे ड्रिप प्राइसिंग और बास्केट Sneaking कहते हैं. सरकार ने इसे धोखाधड़ी माना और जेप्टो पर 7 लाख रुपये का जुर्माना ठोका. अब कंपनी ने यह तरीका हटा दिया है.
Physics Wallah: प्री-सिलेक्टेड डोनेशन और इमोशनल मैसेज,जुर्माना 5 लाख रुपये
इस ऑनलाइन पढ़ाई वाले प्लेटफॉर्म पर कोर्स खरीदते वक्त 10 रुपये का डोनेशन अपने आप टिक (Pre-select) हो जाता था. अगर कोई इसे हटाता, तो इमोशनल मैसेज दिखाकर उसे रोकने की कोशिश की जाती थी. इसके अलावा फ्री कोर्स के नाम पर ग्राहकों से पर्सनल डेटा मांगा जाता था. संज्ञान लेते हुए कंपनी पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया.
BookMyShow: बिल में चुपके से 1 रुपया जोड़ना
जब आप मूवी टिकट बुक करते थे, तो बिना पूछे बिल में BookASmile नाम की चैरिटी के लिए 1 रुपया पहले से टिक होकर जुड़ जाता था. इसे बास्केट स्नेकिंग कहा जाता है. अथॉरिटी की फटकार के बाद अब कंपनी को यह ऑटो-टिक हटाने का निर्देश दिया गया है.
IndiGo: डराकर या शर्मिंदा करके सामान बेचना
इंडिगो की ऐप पर जब कोई एक्स्ट्रा सर्विस (जैसे इंश्योरेंस या सीट) नहीं लेता था, तो स्क्रीन पर लिखा आता था- “No I will take risk” (नहीं, मैं जोखिम उठाऊंगा). यह ग्राहकों को डराकर सर्विस खरीदने के लिए उकसाने का तरीका था. सरकार के हस्तक्षेप के बाद इंडिगो को यह लाइन बदलकर सीधी भाषा No, I will not add to the trip करनी पड़ी.
इन कंपनियों पर भी चला जुर्माना
सरकार ने अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी गाज गिराई है:
FirstCry: 2 लाख रुपये जुर्माना
Anuj Jindal (कोचिंग प्लेटफॉर्म): 3 लाख रुपये जुर्माना
PharmaEasy: 1 लाख रुपये जुर्माना
McAfee: 1 लाख रुपये जुर्माना
SpiceJet: 1 लाख रुपये जुर्माना
इन सभी कंपनियों को छुपा हुआ चार्ज, झूठे टाइमर (False Urgency) और जबरन सब्सक्रिप्शन जैसे डार्क पैटर्न्स तुरंत बंद करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं.
डिजिटल शॉपिंग करते समय थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है. अगली बार जब भी आप कोई ऐप इस्तेमाल करें, तो फाइनल पेमेंट दबाने से पहले बिल के एक-एक चार्ज को ध्यान से जरूर देखें. अगर आपको भी कोई ऐप गुमराह करती दिखे, तो आप इसकी शिकायत कंज्यूमर फोरम में कर सकते हैं.
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