चर्चा है कि पीएफ (EPF) के लिए अनिवार्य सैलरी लिमिट को 15000 से बढ़ाकर 25000 रुपये किया जा सकता है. इससे प्राइवेट नौकरी करने वाले लाखों लोगों को सामाजिक सुरक्षा (Social Security) और पेंशन के दायरे में लाया जा सकेगा.
छोटे उद्योगों (MSMEs) को बिना गारंटी लोन की सुविधा दी जा सकती है ताकि वे अपना काम बढ़ा सकें और अधिक लोगों को नौकरी दे सकें. भारत के कुल रोजगार में MSME का 40% से ज्यादा योगदान है.
सोलर और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेक्टर को मिलने वाला भारी आवंटन इस फील्ड को नया जॉब हॉटस्पॉट बना देगा.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर सेक्टर में लाखों नौकरियों की संभावना है. बजट में इन क्षेत्रों के लिए विशेष ट्रेनिंग सेंटर्स और स्टार्टअप्स के लिए जॉब क्रिएशन इंसेंटिव का ऐलान हो सकता है.
कंपनियों को नए युवाओं को नौकरी पर रखने और उन्हें कम से कम 2 साल तक रिटेन करने के लिए अतिरिक्त टैक्स छूट दी जा सकती है.
सरकार पहली बार नौकरी करने वालों के लिए विशेष स्कीम ला सकती है. अगर कोई कंपनी नए कर्मचारी को रखती है, तो उनकी पहली सैलरी का कुछ हिस्सा (जैसे 15000 रुपये तक) सरकार सीधे कर्मचारी के खाते में दे सकती है.
पिछले साल शुरू हुई इस स्कीम के तहत टॉप 500 कंपनियों में इंटर्नशिप दी जा रही थी. इस बार इसका दायरा बढ़ाया जा सकता है ताकि अधिक युवाओं को 5000 रुपये मासिक स्टाइपेंड के साथ अनुभव मिले.
बजट 2026 में नौकरियों (Jobs) को लेकर सरकार का रवैया बहुत आक्रामक रहने की उम्मीद है. सरकार का लक्ष्य अब केवल संख्या नहीं, बल्कि हाई-क्वालिटी और फ्यूचर-रेडी रोल्स पैदा करना है.
2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष के रूप में भी देखा जा रहा है, इसलिए महिला किसानों के लिए खेती के उपकरणों पर विशेष छूट मिलने की पूरी उम्मीद है.
आयुष्मान भारत के तहत महिलाओं के लिए विशेष ‘प्रिवेंटिव हेल्थ पैकेज’ (जैसे सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग) की घोषणा हो सकती है.
महंगाई को देखते हुए उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी बढ़ाई जा सकती है.
शहरों में कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित हॉस्टल (Working Women Hostels) और दफ्तरों के पास ‘क्रेच’ (बच्चों की देखभाल का केंद्र) की संख्या बढ़ाने के लिए बजट अलॉट हो सकता है.
महिला करदाताओं के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा पुरुषों के मुकाबले थोड़ी ज्यादा रखने की मांग की जा रही है.
इस समय इसमें 7.5% ब्याज मिलता है. उम्मीद है कि सरकार इसकी निवेश सीमा (जो अभी 2 लाख है) को बढ़ा सकती है या ब्याज दर में और सुधार कर सकती है ताकि महिलाओं की बचत पर ज्यादा मुनाफा मिले.
उन्हें ड्रोन चलाने (नमो ड्रोन दीदी), एलईडी बल्ब बनाने और टेलरिंग जैसे कामों के लिए नई ट्रेनिंग और सब्सिडी मिल सकती है.
सरकार ने 3 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य रखा है. इस बजट में स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के लिए फंड बढ़ाया जा सकता है, ताकि ग्रामीण महिलाएं सालाना कम से कम 1 लाख रुपये कमा सकें.
जन धन खातों के जरिए महिलाओं को बिना किसी गारंटी के छोटे बिजनेस के लिए और अधिक लोन (ओवरड्राफ्ट) मिलने की संभावना है.
सरकार महिलाओं के लिए विशेष क्रेडिट कार्ड लॉन्च कर सकती है, जिसमें कम ब्याज दर और रिवॉर्ड पॉइंट्स की सुविधा होगी.
बजट 2026 में महिलाओं के लिए सरकार का मुख्य फोकस ‘नारी शक्ति’ को केवल लाभार्थी बनाने के बजाय उन्हें ‘उद्यमी’ बनाने पर है.
टियर-2 और टियर-3 शहरों में नए मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों के निर्माण के लिए फंड बढ़ेगा.
Budget Expectation 2026 Live Updates : रविवार 1 फरवरी को बजट पेश होने जा रहा है और देश के हर आम और खास को इसका इंतजार है. हर एक शख्स की इस बजट से उम्मीदें बंधी हुई है. मिडिल क्लास जहां टैक्स स्लैब में राहत और सस्ता होम लोन की उम्मीद कर रहा है. वहीं युवा, स्किलिंग और डिजिटल नौकरियों के नए अवसर की तलाश कर रहे हैं. इस बजट से महिलाएं, लखपति दीदी योजना का विस्तार और महिलाओं के लिए विशेष बैंक स्कीम की उम्मीदें लगाए बैठी हैं. जबकि इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर रेलवे (कवच) और हाईवे पर रिकॉर्ड खर्च की उम्मीद कर रहा है.
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