Budget 2025 for Banking Sector: आज पेश होने जा रहे आम बजट को लेकर बैंककर्मियों के मन में भी कई सवाल हैं। सबसे पहला तो यही कि क्या उनकी लंबे समय से चली आ रही 5-डेज बैंकिंग की मांग पूरी होगी? पिछले काफी समय से इस मुद्दे पर चर्चा हो रही है, लेकिन अब तक कोई फैसला नहीं हो पाया है। ऐसे में बैंकर्स को उम्मीद है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट में उनकी मुराद पर मुहर लगा सकती हैं।
बढ़ेंगे काम के घंटे
बैंक कर्मचारी और यूनियन लंबे समय से सरकार से पांच दिनों की बैंकिंग की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि बैंकों में बढ़ते कामकाज को ध्यान में रखते हुए उन्हें भी सप्ताह में 5 दिन कामकाज की अनुमति दी जानी चाहिए। अगर बजट में सरकार बैंक कर्मियों को मांग को पूरा करती है, तो बैंकर्स को रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करना पड़ेगा। उसके बाद हर हफ्ते शनिवार और रविवार को बैंक बंद रह सकेंगे।
अभी क्या है व्यवस्था?
मौजूदा व्यवस्था के तहत बैंकों में पहले और तीसरे शनिवार काम होता है। दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी रहती है। बैंकों में 5 दिन कामकाज को लेकर बैंक कर्माचारी यूनियन, RBI और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच कई बार चर्चा हुई है। लोकसभा चुनाव से पहले खबरें आई थीं कि इस मुद्दे पर सहमति बन चुकी है और जल्द ही ऐलान भी हो जाएगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं। ऐसे में अब बजट से बैंककर्मियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
IBA के साथ बनी सहमति
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मुद्दे पर बैंक कर्मचारी यूनियनों और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के बीच सहमति बन चुकी है। केवल सरकार की मंजूरी मिलना बाकी है, इसके बाद देश में 5-डेज बैंकिंग सिस्टम शुरू हो जाएगा। अगर बजट में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो बैंक 40 मिनट अतिरिक्त खुलेंगे।
ग्राहक सेवा नहीं होगी प्रभावित
बैंक यूनियनों का कहना है कि 5 दिन वर्किंग लागू होने से ग्राहक सेवा पर असर नहीं पड़ेगा। क्योंकि बैंक कर्मियों के कामकाज के घंटों को प्रतिदिन करीब 40 से 45 मिनट तक बढ़ाया जा सकता है। गौरतलब है कि इस मुद्दे को लेकर पिछले काफी समय से बात चल रही है और कई बार ऐसी खबरें भी आई हैं कि सभी पक्षों में सहमति बन चुकी है, लेकिन अब तक कोई फैसला नहीं हो सका है।