बैंक लॉकर में रखा सोना अगर चोरी हो जाए, तो क्‍या बैंक करेगा र‍िफंड? जानें क्‍या कहते हैं न‍ियम

बैंक लॉकर को लेकर अक्सर यह भ्रम रहता है कि वहां रखा सामान पूरी तरह बैंक की जिम्मेदारी है, लेकिन सच यह है कि बैंक आपका बीमाकर्ता (Insurer) नहीं, बल्कि सिर्फ एक मेजबान (Lessor) है. आइये आपको बताते हैं क‍ि इसे लेकर RBI के नियम क्‍या कहते हैं:

bank locker

बैंक लॉकर क‍ितने सुरक्ष‍ित हैं.

गहने चोरी न हो जाएं, इसके ल‍िए लोग अपने कीमती गहनों को बैंक के लॉकर में रखते हैं. अगर आप भी ऐसा कर रहे हैं तो ये खबर आपके ल‍िए ही है. क्‍योंक‍ि जि‍स बैंक के लॉकर को आप सेफ जगह मान रहे हैं, वह वास्‍तव में इतना सेफ भी नहीं है. लखनऊ की एक बैंक शाखा (IOB) में एक साथ 42 लॉकर काटकर करोड़ों के गहने लूट लिए गए थे. ताज्जुब की बात यह है कि जनवरी 2026 तक कई ग्राहकों को उनके सामान का केवल 10-25% ही वापस मिल पाया है.

विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं फरवरी 2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार, लखनऊ के ही एक अन्य बैंक (PNB) में पूर्व मैनेजर पर आरोप लगा है कि उसने ग्राहक की गैर-मौजूदगी में 4 लॉकर तोड़कर 48 लाख रुपये के गहने गायब कर दिए. आरबीआई की र‍िपोर्ट कहती है क‍ि कुल बैंक चोरियों में से 20% से 40% मामले सीधे तौर पर लॉकर से जुड़े होते हैं.तो क्‍या बैंक से गहने चोरी होने पर बैंक अपने कस्‍टमर को कोई मुआवजा देता है या उसके नुकसान की भरपाई करता है ? आइये जानते हैं क‍ि बैंक के न‍ियम क्‍या कहते हैं:

चोरी या आग लगने पर क्या बैंक पैसा देगा?

हां, लेकिन इसमें एक कैच है. बैंक की जिम्मेदारी तभी बनती है जब नुकसान बैंक की लापरवाही या धोखाधड़ी के कारण हुआ हो.

विज्ञापन

बैंक 100 गुना मुआवजा देगा: अगर बैंक में चोरी, डकैती, आग, या इमारत गिरने की वजह से लॉकर को नुकसान पहुंचता है या बैंक का कोई कर्मचारी धोखाधड़ी करता है, तो बैंक को आपको लॉकर के सालाना किराए का 100 गुना मुआवजा देना होगा.

विज्ञापन

मान लीज‍िए अगर आपके लॉकर का साल का किराया 3000 रुपये है, तो बैंक आपको अधिकतम 300,000 (3000 x 100) देगा. चाहे आपके गहने 10 लाख के ही क्यों न हों.

विज्ञापन

प्राकृतिक आपदा (Natural Calamity) की स्थिति में क्या होगा?
यहां बैंक की कोई जिम्मेदारी नहीं होती. अगर नुकसान भूकंप, बाढ़, बिजली गिरने या तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाओं (Acts of God) के कारण होता है, तो बैंक आपको 1 रुपये की भी भरपाई करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य नहीं है. RBI का मानना है कि इन पर बैंक का नियंत्रण नहीं है.

ग्राहक क्या करें?
क्‍योंक‍ि बैंक का मुआवजा गहनों की असली कीमत के मुकाबले बहुत कम हो सकता है, इसलिए आपको ये 3 काम जरूर करने चाहिए:

विज्ञापन

लॉकर इंश्योरेंस (Locker Insurance) लें: कई बीमा कंपनियां अब बैंक लॉकर प्रोटेक्शन प्लान देती हैं. यह बहुत सस्ता होता है. इसमें प्राकृतिक आपदा और चोरी, दोनों कवर होते हैं. बैंक की भरपाई की सीमा के ऊपर यह सुरक्षा कवच का काम करता है.

गहनों की लिस्ट और फोटो रखें: हमेशा अपने पास एक रिकॉर्ड रखें कि लॉकर में क्या-क्या रखा है. गहनों की फोटो और उनके वजन की रसीदें (Invoices) संभाल कर रखें ताकि क्लेम के समय सबूत रहे.

विज्ञापन

लॉकर विजिट का रिकॉर्ड: जब भी लॉकर ऑपरेट करें, बैंक के रजिस्टर में एंट्री जरूर करें और सुनिश्चित करें कि लॉकर ठीक से बंद हुआ है.

बैंक केवल सालाना किराए के 100 गुना तक की गारंटी देता है, वह भी तब जब गलती बैंक की हो। अगर आप बहुत कीमती सामान रख रहे हैं, तो प्राइवेट इंश्योरेंस लेना ही सबसे समझदारी भरा कदम है.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ