Bank 5 Days Working: अब हफ्ते में सिर्फ 5 दिन खुलेगी ब्रांच! PM मोदी को चिट्ठी लिखकर बताई वजह

देश के बैंकों में हफ्ते में सिर्फ 5 दिन काम (5-Day Workweek) का नियम जल्द लागू हो सकता है। AIBOC ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर ईंधन और बिजली बचाने की दलील दी है। जानिए ग्राहकों और कर्मचारियों पर क्या होगा इसका असर।

pm narendra modi (1)
विज्ञापन

Bank 5 Days Working: देश के सरकारी और प्राइवेट बैंकों में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों के लिए एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। बैंकों में फाइव डे वर्किंग (5-Day Workweek) यानी हफ्ते में केवल 5 दिन काम करने की सालों पुरानी मांग एक बार फिर तेजी से गरमा गई है। इस बार बैंक अधिकारियों के सबसे बड़े संगठन ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (AIBOC) ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस प्रस्ताव को तुरंत मंजूरी देने की अपील की है। यूनियन का कहना है कि यह बदलाव सिर्फ कर्मचारियों के आराम के लिए नहीं, बल्कि खुद देश के हित में है।

आइए बेहद आसान भाषा में समझते हैं कि बैंक यूनियंस ने पीएम मोदी के सामने क्या दलीलें रखी हैं और यदि यह नियम लागू हुआ, तो आम जनता पर इसका क्या असर पड़ेगा।

विज्ञापन

PM मोदी की अपील से कैसे जुड़ा है यह नया प्रस्ताव?

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से गैर-जरूरी यात्राएं कम करने और ईंधन (Petroleum) बचाने की अपील की थी। इसी अपील को आधार बनाकर बैंक यूनियन ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। यूनियन का कहना है कि अगर देश के सभी बैंक शनिवार को बंद रहते हैं, तो इससे दो बड़े फायदे होंगे:

ईंधन और तेल की भारी बचत: शनिवार को लाखों बैंक कर्मचारियों और ग्राहकों के न निकलने से सड़कों पर ट्रैफिक कम होगा, जिससे देश का करोड़ों लीटर ईंधन बचेगा।

विज्ञापन

बिजली की बचत: शनिवार को देश भर की हजारों बैंक शाखाएं बंद रहने से भारी मात्रा में बिजली और ऊर्जा की बचत होगी, जो देश के आर्थिक विकास में काम आ सकती है।

विज्ञापन

वर्क फ्रॉम होम मुमकिन नहीं, इसलिए जरूरी है राहत
AIBOC ने अपनी चिट्ठी में साफ किया है कि आईटी (IT) या अन्य कॉर्पोरेट सेक्टर्स की तरह बैंकिंग इंडस्ट्री पूरी तरह ‘वर्क फ्रॉम होम’ पर नहीं चल सकती। कैश हैंडलिंग, लॉकर ऑपरेशन और ग्राहकों की सीधी सेवा के लिए कर्मचारियों को शारीरिक रूप से ब्रांच में मौजूद रहना ही पड़ता है। ऐसे में हफ्ते में 5 दिन काम मिलने से कर्मचारियों का मानसिक और शारीरिक तनाव कम होगा और उनकी कार्यक्षमता (Efficiency) बढ़ेगी।

शनिवार को बैंक बंद रहने से क्या ग्राहकों को होगी परेशानी?
इस सवाल का जवाब देते हुए बैंक यूनियन ने साफ किया कि आज का भारत डिजिटल हो चुका है। अब ग्राहकों को पैसे निकालने, जमा करने या ट्रांसफर करने के लिए बैंक शाखा जाने की जरूरत नहीं पड़ती।

विज्ञापन

24 घंटे चालू रहती हैं सेवाएं: यूपीआई (UPI), इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल ऐप्स, एटीएम (ATM) और कैश डिपॉजिट मशीनें (CDM) साल के 365 दिन और 24 घंटे काम करती हैं।

आरबीआई और एलआईसी में पहले से नियम: देश के सबसे बड़े वित्तीय संस्थान जैसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और शेयर बाजार (Stock Market) पहले से ही हफ्ते में सिर्फ 5 दिन (सोमवार से शुक्रवार) काम करते हैं।

विज्ञापन

क्या काम के घंटे बदलेंगे?
यूनियन के मुताबिक, बैंक यूनियंस और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के बीच द्विपक्षीय वेतन समझौते के दौरान इस प्रस्ताव पर पहले ही सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है। यदि सरकार इस पर अंतिम मुहर लगाती है, तो ग्राहकों के काम को प्रभावित किए बिना रोजाना काम के समय में कुछ मिनटों की बढ़ोतरी की जा सकती है, ताकि कुल वर्किंग आवर्स (Working Hours) कम न हों।

वर्तमान में, देश के सभी सरकारी और निजी बैंक हर महीने के केवल दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं, जबकि पहले और तीसरे शनिवार को पूरे दिन काम होता है।

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ