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Apple जैसी कंपनी खड़ी करने वाले स्टीव जॉब्स की प्रेरणा थे हिंदू गुरु, सामने आया कनेक्शन

Hindu Guru: स्टीव जॉब्स ने निधन से पहले अपने दोस्तों और सहकर्मियों को हिंदू गुरु की आत्मकथा गिफ्ट की थी। जॉब्स परमहंस योगानंद से काफी ज्यादा प्रभावित थे और चाहते थे कि उनके अपने भी इस किताब को पढ़कर जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा प्राप्त करें।

Steve Jobs was inspired by Autobiography of a Yogi: आईफोन बनाने वाली कंपनी एप्पल (Apple) के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स (Steve Jobs) हिंदू गुरु परमहंस योगानंद से बेहद प्रभावित थे। उन्हें परमहंस योगानंद द्वारा लिखित 'ऑटोबायोग्राफी ऑफ ए योगी' जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती थी। शायद यही वजह रही कि दुनिया से रुखसत होने से पहले जॉब्स ने अपने दोस्तों और सहकर्मियों को इस ऑटोबायोग्राफी की एक-एक कॉपी गिफ्ट की थी। इस बात का खुलासा सेल्सफोर्स के सीईओ मार्क बेनिओफ ने किया है।

2011 में हुआ था निधन

टेकक्रंच डिसरप्ट कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए मार्क बेनिओफ ने कहा कि स्टीव जॉब्स का अपने दोस्तों और सहकर्मियों को फाइनल गिफ्ट 'ऑटोबायोग्राफी ऑफ ए योगी' की एक-एक कॉपी थी। यह दर्शाता है कि स्टीव इस किताब से कितने प्रभावित थे और चाहते थे कि हम सभी इसे पढ़ें। बता दें कि स्टीव जॉब्स का 5 अक्टूबर 2011 को 56 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। उन्होंने कैलिफोर्निया स्थित अपने घर में अंतिम सांस ली। जॉब्स न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर नामक एक दुर्लभ प्रकार के कैंसर से जूझ रहे थे।

पहले ही कर ली थी तैयारी

मार्क बेनिओफ और स्टीव जॉब्स करीबी दोस्त थे. उन्होंने बताया कि स्टीव का आध्यात्मिकता की तरफ काफी झुकाव था, लेकिन इसके बारे में लोग कम ही जानते हैं। बेनिओफ ने कहा कि स्टीव जॉब्स को यह अहसास हो गया था कि वह जल्द ही हम सबको छोड़कर चले जाएंगे। अपने अंतिम दिनों में ही उन्होंने सबकुछ तय कर लिया था कि उनकी विदाई के कार्यक्रम में कौन क्या करेगा। इतना ही नहीं, उन्होंने स्पीकर और गेस्ट की लिस्ट भी तैयार कर ली थी। सेल्सफोर्स के सीईओ ने बताया कि जॉब्स के अंतिम दर्शन को पहुंचने वाले दोस्तों और सहकर्मियों को एक छोटे से बॉक्स में 'ऑटोबायोग्राफी ऑफ ए योगी' की एक कॉपी दी गई, जो उनके लिए स्टीव का फाइनल गिफ्ट था।

आध्यात्मिक क्लासिक है किताब

'ऑटोबायोग्राफी ऑफ ए योगी' पुस्तक स्टीव जॉब्स के लिए बहुत मायने रखती थी। वाल्टर इसाकसन (Walter Isaacson) द्वारा लिखी गई उनकी ऑटोबायोग्राफी में बताया गया है कि जॉब्स ने पहली बार यह किताब तब पढ़ी जब वह युवा थे। इसके बाद वह समय-समय पर किताब के प्रति अपने प्यार का प्रदर्शन करते रहे। गौरतलब है कि परमहंस योगानंद द्वारा लिखित 'ऑटोबायोग्राफी ऑफ ए योगी'1946 में प्रकाशित एक आध्यात्मिक क्लासिक है। इसमें योगानंद के जीवन, उनके गुरु की खोज और उनकी शिक्षा आदि के बारे में बताया गया है। यह किताब जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।


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