अमेरिका-ईरान युद्ध के साये में कई देश महंगाई की मार का सामना कर रहे हैं, जिसमें से एक भारत भी है. देश में एलपीजी गैस की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब हवाई यात्रा भी आम आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही है. टाटा समूह की एयर इंडिया ने मंगलवार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज में बढ़ोतरी की घोषणा की. मिडिल ईस्ट में तनाव से जेट ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में आई तेजी को इसका मुख्य कारण बताया गया है.

एयरलाइन ने जारी किया बयान


एयरलाइन ने बयान जारी कर कहा कि ऑपरेशनल लागत का लगभग 40 प्रतिशत एटीएफ मार्च की शुरुआत से ही उछाल पर है. कंपनी के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि खाड़ी में तेल की आपूर्ति बाधाओं के चलते वैश्विक स्तर पर ईंधन महंगा हो गया है. भारत में स्थिति और जटिल है, क्योंकि दिल्ली, मुंबई जैसी महानगरों में एटीएफ पर ऊंची उत्पाद शुल्क और वैट लगता है. इससे लागत कई गुना बढ़ जाती है, जो एयरलाइनों की आर्थिक सेहत पर भारी पड़ रही है.

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'स्थिति हमारे नियंत्रण से बाहर'


एयर इंडिया ने कहा, 'हम इस तरह की वृद्धि पर खेद व्यक्त करते हैं, लेकिन यह हमारे नियंत्रण से बाहर कारकों का परिणाम है.' बिना सरचार्ज के कई उड़ानें घाटे में चलेंगी और रद्द हो सकती हैं. वृद्धि तीन चरणों में लागू होगी. पहले चरण (12 मार्च से) में घरेलू उड़ानों व सार्क देशों पर 399 रुपये का सरचार्ज लगेगा. पश्चिम एशिया/मध्य पूर्व के लिए 10 डॉलर की बढ़ोतरी होगी. दक्षिण-पूर्व एशिया पर 40 से 60 डॉलर, अफ्रीका पर 60 से 90 डॉलर हो जाएगा.

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पहले से बुक हुई टिकटों का क्या?


दूसरा चरण (18 मार्च से) यूरोप, उत्तरी अमेरिका व ऑस्ट्रेलिया को कवर करेगा. तीसरा चरण हांगकांग, जापान व दक्षिण कोरिया जैसे पूर्वी बाजारों के लिए बाद में घोषित होगा. महत्वपूर्ण बात ये है कि पहले से बुक टिकटों पर नया सरचार्ज लागू नहीं होगा, जब तक यात्री तारीख या यात्रा योजना न बदले. एयर इंडिया एक्सप्रेस पर कोई सरचार्ज नहीं लगेगा. कंपनी ने वादा किया कि स्थिति के अनुसार समीक्षा कर समायोजन किया जाएगा.