8th Pay Commission: क्या 66% बढ़ जाएगी बेसिक पे? फैमिली यूनिट के इस नए फॉर्मूले ने मचाई हलचल!
Author: Vandana Bharti
Mar 05, 2026 03:57 PM IST
8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर एक ऐसी खबर सामने आ रही है, जिसने केंद्रीय कर्मचारियों की धड़कनें तेज कर दी हैं. क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी सैलरी तय करने वाले फॉर्मूले में सिर्फ एक छोटा सा बदलाव आपकी बेसिक पे को 66% तक बढ़ा सकता है? जी हां, इस बार चर्चा सिर्फ फिटमेंट फैक्टर की नहीं, बल्कि उस फैमिली यूनिट फॉर्मूले की है जो दशकों पुराना है. आइए समझते हैं इस पूरे गणित को…
क्या है यह फैमिली यूनिट का चक्कर?
1956 के भारतीय श्रम सम्मेलन के बाद से, सरकारी कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी तय करने के लिए 3 फैमिली यूनिट का फॉर्मूला इस्तेमाल किया जाता है. इसका मतलब है कि एक कर्मचारी की सैलरी यह मानकर तय की जाती है कि उसे खुद का, पत्नी का और दो बच्चों (कुल 3 यूनिट) का खर्च उठाना है.
अब बदलाव की मांग क्यों?
ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन के महासचिव सी. श्रीकुमार और अन्य विशेषज्ञों का तर्क है कि अब माता-पिता की जिम्मेदारी भी कानूनी रूप से बच्चों पर है. एकल परिवारों (Nuclear Families) के दौर में भी बुजुर्गों की देखभाल का खर्च बढ़ा है. इसलिए फैमिली यूनिट को 3 के बजाय 5 (कर्मचारी + पत्नी + 2 बच्चे + माता-पिता) माना जाना चाहिए.
66% बढ़ोतरी का गणित: कैसे बढ़ेगी सैलरी?
रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर फैमिली यूनिट की संख्या बढ़ती है, तो उसका सीधा असर बेसिक पे पर पड़ेगा:
1 यूनिट बढ़ने पर: बेसिक पे में 33.33% की बढ़ोतरी संभावित है.
2 यूनिट बढ़ने पर (3 से 5): बेसिक पे में सीधे 66.66% का उछाल आ सकता है.
दो अलग-अलग सिनेरियो: आपकी सैलरी पर असर
आइए इसे ₹78,800 की बेसिक पे वाले एक कर्मचारी के उदाहरण से समझते हैं:
सिनेरियो 1: अगर फिटमेंट फैक्टर 1.76 रहता है
वर्तमान बेसिक: ₹78,800
नया बेसिक (अनुमानित): ₹1,38,688
सिनेरियो 2: अगर फैमिली यूनिट 5 मान ली जाए (फिटमेंट फैक्टर 2.42)
अगर सरकार 5 फैमिली यूनिट का फॉर्मूला मान लेती है, तो फिटमेंट फैक्टर बढ़कर 2.42 हो सकता है. ऐसे में ₹78,800 बेसिक वाले कर्मचारी की सैलरी सीधे ₹1,90,676 तक पहुँच सकती है.
क्या यह हकीकत बनेगा?
फैमिली यूनिट को बढ़ाना एक तार्किक मांग है क्योंकि आज के दौर में महंगाई और सामाजिक जिम्मेदारियां दोनों बढ़ी हैं. अगर 8वां वेतन आयोग इस फॉर्मूले को अपनाता है, तो यह केंद्रीय कर्मचारियों के इतिहास की सबसे बड़ी सैलरी हाइक साबित हो सकती है. हालांकि, अंतिम फैसला सरकार की तिजोरी और बजट को देखकर ही लिया जाएगा.