दिल्ली में 28 से 30 अप्रैल 2026 तक चली मैराथन बैठकों में कर्मचारी संगठनों ने अपनी आवाज उठाई। जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में हुई इस मीटिंग में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के भविष्य का ब्लूप्रिंट पेश किया गया। NC-JCM ने फिटमेंट फैक्टर को 3.83 करने का प्रस्ताव दिया है। इसका मतलब है कि न्यूनतम बेसिक सैलरी 18000 रुपये से बढ़कर सीधे 69,000 रुपये हो जाएगी। यानी कर्मचारी यून‍ियनों की ओर से वेतन में पूरे 283% की भारी-भरकम बढ़ोतरी की मांग की गई है।

इंक्रीमेंट भी होगा डबल: 3% की जगह अब 6% की मांग

अब तक कर्मचारियों को साल में 3% की दर से वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) मिलती है। संगठनों ने इसे दोगुना कर 6% करने का सुझाव दिया है ताकि महंगाई के दौर में कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत रहे।

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फैमिली यूनिट में नया ट्विस्ट: माता-पिता भी होंगे हिस्सा
अब तक फैमिली यूनिट 3 सदस्यों की होती थी, जिसे बढ़ाकर 5 करने की मांग की गई है। सबसे बड़ी मांग यह है कि इसमें माता-पिता को भी शामिल किया जाए। साथ ही, पुरुष और महिला यूनिट वैल्यू में भेदभाव खत्म कर दोनों को बराबर (1-1 यूनिट) रखने का प्रस्ताव है।

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पुरानी पेंशन (OPS) पर आर-पार
AINPSEF ने पुरजोर मांग की है कि 2003 के बाद भर्ती हुए सभी NPS कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ मिले। साथ ही, रिटायरमेंट पर आखिरी सैलरी का 67% पेंशन के रूप में देने का सुझाव दिया गया है।

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शिक्षकों के लिए खुशखबरी: रिटायरमेंट की उम्र 65 साल!
स्कूल शिक्षकों के लिए रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाकर 65 साल करने की मांग की गई है, ताकि उन्हें मेडिकल और यूजीसी शिक्षकों के समान दर्जा मिल सके। साथ ही एक टाइम बाउंड प्रमोशन पॉलिसी लागू करने पर भी जोर दिया गया है।

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छुट्टियों का कैलेंडर बदलेगा: साल में 64 लीव!
कर्मचारियों के लिए छुट्टियों का नया कोटा प्रस्तावित है—14 कैजुअल लीव (CL), 20 मेडिकल लीव और 30 अर्न लीव (EL)। कुल मिलाकर साल की 64 छुट्टियां और लीव एनकैशमेंट की सीमा हटाने की मांग भी शामिल है।

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भत्तों पर भी नज़र: HRA और मुआवज़ा होगा तगड़ा
न्यूनतम मकान किराया भत्ता (HRA) 30% करने की मांग की गई है। इसके अलावा, ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर मिलने वाली मुआवजे की राशि को भी बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है ताकि परिवार को बेहतर सुरक्षा मिल सके।