केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में होने वाले बड़े बदलाव की सुगबुगाहट अब हकीकत में बदल रही है. 8वें वेतन आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट 8cpc.gov.in पर एक महत्वपूर्ण नोटिस जारी किया है. आयोग ने सभी स्टेकहोल्डर्स (Stakeholders) से वेतन, भत्तों और सुविधाओं को लेकर सुझाव और मेमोरेंडम मांगे हैं.

आयोग ने साफ कर दिया है कि सुझाव देने की खिड़की 5 मार्च 2026 से खुल चुकी है. अगर आप एक कर्मचारी हैं, पेंशनभोगी हैं या किसी कर्मचारी यूनियन का हिस्सा हैं, तो आपको 30 अप्रैल 2026 तक अपनी राय ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करानी होगी. आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कोई भी सुझाव कागज, ईमेल या PDF फाइल के जरिए स्वीकार नहीं किया जाएगा. जो भी कहना है, केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही कहना होगा.

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कौन-कौन दे सकता है सुझाव?

यह मौका सिर्फ दिल्ली के दफ्तरों तक सीमित नहीं है, इसमें शामिल हैं:

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  • केंद्रीय कर्मचारी: चाहे वे इंडस्ट्रियल हों या नॉन-इंडस्ट्रियल
  • सशस्त्र बल (Defence Forces): सेना, नौसेना और वायुसेना के जवान व अधिकारी
  • ऑल इंडिया सर्विसेज: आईएएस, आईपीएस और अन्य अधिकारी
  • पेंशनभोगी: वे सभी जो केंद्र सरकार से पेंशन प्राप्त कर रहे हैं
  • न्यायपालिका: सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और अधीनस्थ न्यायालयों के अधिकारी
  • यूनियंस और एक्सपर्ट्स: कर्मचारी संगठन, रिसर्चर और अकादमिक विशेषज्ञ

18 सवालों की प्रश्नावली (Questionnaire)
आयोग ने एक कदम आगे बढ़ते हुए 18 सवालों की एक लिस्ट भी जारी की है. इसमें पे-स्ट्रक्चर, भत्ते और रिटायरमेंट बेनिफिट्स जैसे मुद्दों पर फीडबैक मांगा गया है. इन सवालों के जवाब देने की आखिरी तारीख 16 मार्च 2026 तय की गई है.

क्यों अहम है यह कदम?
8वें वेतन आयोग की सिफारिशें देश के लगभग 1 करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की किस्मत तय करेंगी. कर्मचारी संगठनों ने अभी से ही अपनी मांगें तैयार करना शुरू कर दिया है. नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशन (FNPO) के अनुसार, वे सैकड़ों पन्नों का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं ताकि कर्मचारियों की क्रय शक्ति (Purchasing Power) और वर्तमान महंगाई के हिसाब से वेतन को तर्कसंगत बनाया जा सके.