Types of Gearbox: कितने प्रकार के होते हैं गियरबॉक्स? जानें खूबियां और कमियां

Types of Gearbox: यहां हम कुछ पॉपुलर और बेहतरीन गियरबॉक्स टाइप्स के बारे में जानकारी दे रहे हैं, जिनके फायदे और नुकसान भी हैं। ये आपकी ड्राइविंग जरूरतों के हिसाब फिट हो सकते हैं।

gearbox type
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Types of Gearbox: कुछ साल पहले देश में मौजूदा कारों में सिर्फ मैन्युअल और ऑटोमैटिक गियरबॉक्स की ही सुविधा मिलती थी। लेकिन समय बदला और गाड़ियों में टेक्नोलॉजी एडवांस्ड हुई, जिका फायदा अलग-अलग प्रकार के गियर बॉक्स देखने को मिले। इस समय कारों में 6 प्रकार के गियरबॉक्स (gearbox/Transmission) देखने को मिलते हैं। अगर आप इस समय मैन्युअल गियरबॉक्स वाली कार की जगह एक ऑटोमैटिक कार खरीदने की सोच रहे हैं तो उससे पहले जान लीजिये कि कौन सा गियरबॉक्स किस काम आता है? फायदे और नुकसान भी यहां हम बता रहे हैं…

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मैन्युअल गियरबॉक्स (MT)

मैन्युअल गियरबॉक्स सबसे पॉपुलर है। इन्हें ड्राइविंग कंट्रोल, माइलेज और कम मेंटेनेंस के लिए जाना जाता है। किस भी कार में यह बेस मॉडल से लेकर टॉप मॉडल में मिलते हैं। क्लच पैडल का उपयोग मैन्युअल गियरबॉक्स को कुछ ही बदलना पड़ता है।

  • फायदे: सस्ती, फ्यूल एफिशिएंट, लॉन्ग लाइफ
  • कमी: ट्रैफिक में थकाऊ हो सकती है

 ऑटोमेटिक गियरबॉक्स AT – टॉर्क कन्वर्टर)

जिन कारों में  ऑटोमेटिक गियरबॉक्स की सुविधा मिलती हैं वो बेहद स्मूथ और आरामदायक होती हैं। हैवी ट्रैफिक में भी आपको थकान नहीं होती। ड्राइविंग का मज़ा नेक्स्ट लेवल का होता है।

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  • फायदे: स्मूद गियर शिफ्ट, आरामदायक
  • कमी: कम माइलेज, महंगी

कंटिन्यूस्ली वैरिबल ट्रांसमिशन (CVT)

बेहतर सिटी ड्राइव और  स्मूद एक्सपीरियंस के लिए कंटिन्यूस्ली वैरिबल ट्रांसमिशन (CVT) गियरबॉक्स का इस्तेमॉल किया जाता है, CVT में स्टील गियर की जगह पर बेल्ट या पुली का यूज किया जाता है जो  आसानी से गियर बदलने में मदद करता है, इसमें कई तरह के रेशियो दिए गए हैं, जिसके हिसाब से आप गियर चेंज कर सकते हैं।

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  • फायदे: स्मूद एक्सिलरेशन, अच्छा माइलेज
  • कमी: हाईवे पर थोड़ा स्लगिश फील होता है

डुअल क्लच ट्रांसमिशन (DCT)

स्पोर्ट्स कार या हाई परफॉरमेंस गाड़ियों में डुअल क्लच ट्रांसमिशन (DCT) की गियरबॉक्स करें तो, इसे आप ऑटोमेटिक व मैन्युअल ट्रांशमिशन का कॉम्बिनेशन बोल सकते हैं। इस गियरबॉक्स में टॉर्क कन्वर्टर की जगह आपको गियर बदलने के लिए क्लच के साथ दो अलग शाफ्ट मिलेगा।

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  • फायदे: बहुत फास्ट गियर शिफ्ट्स, एक्सिलरेशन शानदार
  • कमी: मेंटेनेंस महंगा, ज्यादा गरमी में ओवरहीट की संभावना

ऑटोमेटेड-मैन्युअल ट्रांसमिशन (AMT)

ऑटोमेटेड-मैन्युअल ट्रांसमिशन (एएमटी) बजट फ्रेंडली है। इसे सेमी-ऑटोमेटिक गियरबॉक्स भी कहा जाता है। इसमें रेग्युलर क्लच व गियर कंफिगरेशन का यूज होता है। इस तरह के गियरबॉक्स को लंबी दूरी पर अधिक माइलेज के लिए जाना जाता है।

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  • फायदे: सस्ती, बेहतर माइलेज, क्लचलेस ड्राइविंग
  • कमी: गियरशिफ्ट झटका देता है, स्पोर्टी नहीं लगता

इंटेलीजेंट मैन्युअल ट्रांसमिशन (iMT)

अगर आप क्लच दबा-दबा कर परेशान हो गये हैं तो आप इंटेलीजेंट मैन्युअल ट्रांसमिशन (iMT)से लैस कार चुन सकती है। इसमें मैनुअली क्लच को ऑपरेट करने की जरूरत नहीं पड़ती है, जो सिटी ट्रैफिक के दौरान ड्राइविंग में आपकी चिंता कम कर देता है। यह गियरबॉक्स ट्रांसमिशन कंट्रोल यूनिट (TCU) को जानकारी देता है कि ड्राईवर कब गियर बदलने वाला है।

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  • फायदे: फ्यूल एफिशिएंसी, ट्रैफिक में आसान
  • कमी: गियर खुद बदलने पड़ते हैं

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