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E20 फ्यूल पॉलिसी पर सुप्रीम कोर्ट में 1 सितंबर को सुनवाई, क्या है मामला?

भारत में E20 फ्यूल को लेकर विवाद बढ़ गया है। वाहन मालिकों का कहना है कि इसका इस्तेमाल करने से माइलेज कम हो रही है। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर 1 सितंबर 2025 को सुनवाई होगी। जानें पूरी डिटेल।

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Credit: News 24 Graphic

E20 Fuel Policy: हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर E20 फ्यूल को लेकर बड़ी बहस छिड़ गई है। कई कार और बाइक मालिकों ने शिकायत की है कि इस ईंधन का इस्तेमाल करने से उनके वाहनों की माइलेज में काफी गिरावट आई है। दरअसल, भारत सरकार ने अप्रैल 2023 में E20 फ्यूल लॉन्च किया था ताकि प्रदूषण कम किया जा सके और देश के सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों को आगे बढ़ाया जा सके। लेकिन पुराने नॉन-E20 कम्पैटिबल वाहनों में यह फ्यूल अनिवार्य होने से गाड़ी मालिकों में असंतोष बढ़ गया है।

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

वाहन मालिकों की परेशानियों को देखते हुए इस मामले को अब सुप्रीम कोर्ट तक ले जाया गया है। एडवोकेट अक्षय मल्होत्रा ने हाल ही में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की है। यह याचिका 1 सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए लगेगी। चीफ जस्टिस बीआर गवई की अगुवाई वाली बेंच, जिसमें जस्टिस के विनोद चंद्रन और एनवी अंजारिया भी शामिल हैं, इस मामले की सुनवाई करेंगे। PIL का मुख्य उद्देश्य है कि उपभोक्ताओं को E0 पेट्रोल (बिना एथेनॉल वाला पेट्रोल) का विकल्प हर फ्यूल स्टेशन पर मिले और ईंधन पर एथेनॉल की मात्रा का स्पष्ट लेबलिंग अनिवार्य हो।

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सरकार का बचाव

जैसे ही यह विवाद बढ़ा, भारत सरकार की ओर से लगातार स्पष्टीकरण आने लगे। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी करते हुए कहा कि एथेनॉल की एनर्जी डेंसिटी पेट्रोल से कम होती है, जिस वजह से माइलेज पर हल्का असर पड़ता है। E10 से E20 पर कैलिब्रेट की गई कारों में यह असर सिर्फ 1-2% तक होता है, जबकि बाकी वाहनों में 3-6% तक। इंजन ट्यूनिंग और E20 कम्पैटिबल मटीरियल के इस्तेमाल से इसे और कम किया जा सकता है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि बड़े ऑटोमोबाइल निर्माता पहले ही इस दिशा में बदलाव कर चुके हैं।

पॉलिसी पर फैली अफवाहें

कई जगहों पर यह दावा भी किया जा रहा था कि E20 फ्यूल इस्तेमाल करने से वाहन बीमा पॉलिसी रद्द हो जाएगी। लेकिन सरकार ने साफ किया कि यह पूरी तरह झूठी अफवाह है। E20 का इस्तेमाल करने से न तो बीमा पॉलिसी पर कोई असर पड़ेगा और न ही उसकी वैधता खत्म होगी।

क्या है E20 फ्यूल 

E20 फ्यूल का मतलब है 20% इथेनॉल + 80% पेट्रोल। सरकार ने अप्रैल 2023 में इसे लॉन्च किया था ताकि प्रदूषण कम हो और देश तेल आयात पर कम निर्भर रहे।

अब भविष्य में क्या

सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अक्टूबर 2026 से पहले भारत E20 से आगे नहीं बढ़ेगा। यानी फिलहाल E20 ही रहेगा। लेकिन भविष्य में ज़्यादा ब्लेंडिंग की योजना जरूर है। यह कदम भारत को स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में आगे ले जाएगा, लेकिन वाहन मालिकों की चिंताओं को देखते हुए इस पर अदालत का फैसला अहम साबित होगा।

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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