BS7 Rules In India: देश में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सरकार अब और कड़े कदम उठाने की तैयारी में है. आने वाले समय में कार, बस और ट्रक चलाने के नियम पहले से ज्यादा सख्त होने वाले हैं. ET प्राइम की रिपोर्ट मुताबिक, 2027 से लागू होने वाले BS VII उत्सर्जन मानक गाड़ियों से निकलने वाले प्रदूषण को काफी हद तक नियंत्रित करने का लक्ष्य रखते हैं. इसका सीधा असर वाहन कंपनियों और आम लोगों दोनों पर पड़ेगा.
2027 से लागू होंगे BS VII नियम
सरकार 2027 से भारत स्टेज VII (BS VII) उत्सर्जन मानकों को लागू करने की तैयारी कर रही है. इन नए नियमों के तहत गाड़ियों से निकलने वाले प्रदूषकों की निगरानी और नियंत्रण पहले से ज्यादा सख्त होगा. इसका मकसद शहरों में बढ़ते प्रदूषण के स्तर को कम करना है.
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रियल-टाइम पॉल्यूशन मॉनिटरिंग होगी अनिवार्य
नए नियमों के तहत 2027 के बाद बिकने वाली गाड़ियों में रियल-टाइम प्रदूषण मॉनिटरिंग सिस्टम होना जरूरी होगा. यानी गाड़ी चलते समय ही यह ट्रैक किया जा सकेगा कि वह कितना प्रदूषण फैला रही है. इससे नियमों का पालन करवाना और भी आसान हो जाएगा.
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यूरो VII से मिलते-जुलते होंगे नियम
भारत में लागू होने वाले BS VII मानक काफी हद तक यूरोप के Euro VII नियमों पर आधारित होंगे. हालांकि, इन्हें भारतीय सड़कों और यहां मिलने वाले ईंधन की गुणवत्ता के हिसाब से थोड़ा बदला जाएगा ताकि ये यहां बेहतर तरीके से काम कर सकें.
EV बैटरी के लिए भी आएंगे नए नियम
सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) को लेकर भी सख्त होने जा रही है. EV बैटरियों के लिए न्यूनतम परफॉर्मेंस और लाइफ से जुड़े मानक तय किए जा सकते हैं. इससे बैटरी की गुणवत्ता और भरोसेमंदता बढ़ेगी और लोगों का EV पर भरोसा मजबूत होगा.
प्राकृतिक गैस से चलने वाली गाड़ियों पर भी नजर
अब तक ज्यादातर नियम पेट्रोल और डीजल गाड़ियों पर केंद्रित थे, लेकिन BS VII में CNG और प्राकृतिक गैस से चलने वाले वाहनों पर भी सख्त नियंत्रण किया जाएगा. इनसे निकलने वाले उत्सर्जन को भी अब गंभीरता से लिया जाएगा.
अमोनिया उत्सर्जन पर सख्ती बढ़ेगी
शहरों में धुंध (स्मॉग) का एक बड़ा कारण अमोनिया उत्सर्जन भी है. नए नियमों में हल्के और भारी दोनों तरह के वाहनों के लिए इस पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी. इससे हवा की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिल सकती है.
BS VII गाड़ियां क्या होती हैं?
BS VII गाड़ियां वे वाहन होंगे जो नए और सख्त उत्सर्जन मानकों का पालन करेंगे. इनमें एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा, जिससे ये कम प्रदूषण फैलाएंगी और पर्यावरण के लिए बेहतर होंगी. इनमें खास तरह के इंजन और मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए जाएंगे जो रियल-टाइम में प्रदूषण को कंट्रोल करने में मदद करेंगे.
ईंधन ढांचे में बड़े बदलाव की जरूरत नहीं
BS IV से BS VI में बदलाव के दौरान रिफाइनरियों को ईंधन की गुणवत्ता सुधारने के लिए बड़े स्तर पर बदलाव करने पड़े थे. लेकिन BS VII के लिए ऐसा कोई बड़ा बदलाव जरूरी नहीं माना जा रहा है, जिससे इसे लागू करना थोड़ा आसान हो सकता है.
आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा
इन नए नियमों का असर सीधे वाहन खरीदने वालों पर भी पड़ेगा. गाड़ियों की कीमत थोड़ी बढ़ सकती है, लेकिन बदले में आपको ज्यादा साफ-सुथरी और पर्यावरण के अनुकूल टेक्नोलॉजी मिलेगी. कुल मिलाकर, यह कदम साफ हवा और बेहतर भविष्य की दिशा में एक जरूरी बदलाव माना जा रहा है.
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