कारों की सेफ्टी को लेकर सरकार का बड़ा बदलाव, क्रैश से लेकर पैदल यात्रियों तक के लिए नए नियम, जानें कब से होंगे लागू?

सरकार ने कार और दूसरे वाहनों की सेफ्टी को लेकर नियमों में बड़ा बदलाव किया है. नए स्टैंडर्ड में फ्रंट-साइड क्रैश, से लेकर पैदल यात्रियों की सुरक्षा पर खास जोर दिया गया है. जानिए नए नियमों में क्या-क्या बदला है और ये कब से लागू होंगे.

car safety

सरकार ने कार और दूसरे वाहनों की सेफ्टी को लेकर नियमों में बड़ा बदलाव किया है. (Image Credit-Unsplash)

सड़क हादसों में लोगों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए वाहनों में सेफ्टी टेक्नोलॉजी की लगातार बेहतर किया जा रहा है. इसी दिशा में केंद्र सरकार ने मोटर व्हीकल सेफ्टी स्टैंडर्स में कई बदलाव किए हैं. इन नए नियमों में कार के फ्रेंट और साइड क्रैश के दौरान यात्रियों की सुरक्षा से लेकर पीछ से टक्कर होने पर फ्यूल सिस्टम और इलेक्ट्रिक पावरट्रेन की सुरक्षा तक पर ध्यान दिया गया है. नए स्टैंडर्स एक साथ लागू नहीं होंगे, बल्कि अलग अलग चरणों में लागू किए जाएंगे.

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सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 19 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में अधिसूचना जारी की है. इसके तहत केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 से जुड़े अलग अलग सेफ्टी स्टैंडर्ड में बदलाव किए गए हैं. वाहन निर्माताओं को इन बदलावों के हिसाब से तय समयसीमा में अपने वाहनों और तकनीक को अपडेट करना होगा.

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फ्रंट और साइड क्रैश पर खास ध्यान

संशोधित नियमों में फ्रंटल और साइड क्रैश के दौरान वाहन में बैठे यात्रियों की सुरक्षा को खास महत्व दिया गया है. इसके अलावा पीछे से होने वाली टक्कर के दौरान फ्यूल सिस्टम और इलेक्ट्रिक पावरट्रेन को सुरक्षित रखने के लिए भी सेफ्टी स्टैंडर्स में बदलाव किए गए हैं. व्हीकल कंट्रोल सिस्टम और स्टीयरिंग से जुड़े सुरक्षा नियमों को भी अपडेट किया गया है.

पैदल यात्रियों की सुरक्षा भी होगी मजबूत

नए सेफ्टी स्टैंडर्ड सिर्फ कार के अंदर बैठे लोगों तक सीमित नहीं हैं. सड़क पर चलने वाले पैदल यात्रियों की सुरक्षा को भी इसमें शामिल किया गया है. अधिसूचना के अनुसार, नए वाहन मॉडलों के लिए पैदल यात्रियों से जुड़े संबंधित बदलाव 1 अक्टूबर 2028 से लागू होंगे.

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पैदल यात्रियों की सुरक्षा की जांच के लिए FlexPLI यानी Flexible Pedestrian Leg Impactor टेस्टिंग डिवाइस के अनिवार्य इस्तेमाल का भी प्रावधान किया गया है. इसे 1 अक्टूबर 2032 से लागू करने का प्रस्ताव है. इस टेस्टिंग के जरिए वाहन के साथ टक्कर होने की स्थिति में पैदल यात्री के पैर पर पड़ने वाले प्रभाव को जांचने में मदद मिलती है.

चोरी रोकने को लेकर नियम

M1 कैटेगरी की कारों में इमोबिलाइजर और अलार्म अलर्ट की अनिवार्य फिटिंग के लिए 1 अक्टूबर 2027 की समयसीमा तय की गई है. इमोबिलाइजर एक ऐसा डिवाइस है, जो सही चाबी के बिना गाड़ी को स्टार्ट होने से रोकता है. इससे कार को अनधिकृत तरीके से स्टार्ट करने और चोरी के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है. नए नियम के तहत 1 अक्टूबर 2027 से यह फीचर सभी पैसेंजर वाहनों में अनिवार्य होगा.

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हादसे का डेटा रिकॉर्ड करेगा EDR

नए नियमों में Electronic Data Recorder यानी EDR से जुड़े स्टैंडर्ड को भी शामिल किया गया है. यह डिवाइस दुर्घटना से पहले और उसके दौरान वाहन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण आंकड़ों को रिकॉर्ड करने में मदद करता है. हादसे की जांच के दौरान यह डेटा दुर्घटना के कारणों को समझने में उपयोगी हो सकता है.

वाहन सेफ्टी को मिलेगा नया स्तर

केंद्र सरकार के इन बदलावों का फोकस वाहनों में आधुनिक सेफ्टी तकनीकको बढ़ावा देने और सड़क हादसों के दौरान चोटों के जोखिम को कम करने पर है. नए नियम अलग अलग तरीखों में लागू होंगे, इसलिए वाहन निर्माताओं को तय समयसीमा के अनुसार अपने मॉडल और सेफ्टी सिस्टम को अपडेट करना होगा.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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