कार चलाना सिर्फ उसे स्टार्ट करके सड़क पर ले जाने का नाम नहीं है. गाड़ी की सही देखभाल भी उतनी ही जरूरी है. खासकर ब्रेक सिस्टम को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है, क्योंकि ब्रेक पैड कार को सुरक्षित तरीके से रोकने में अहम भूमिका निभाते हैं. कई बार कार में कोई बड़ी खराबी नहीं होती, लेकिन ड्राइविंग की कुछ आदतों की वजह से ब्रेक पैड समय से पहले घिसने लगते हैं.
अगर आपकी कार के ब्रेक पैड बार-बार बदलने पड़ रहे हैं, तो हर बार इसकी वजह खराब पार्ट ही हो, यह जरूरी नहीं है. जरूरत से ज्यादा ब्रेक लगाना, तेज स्पीड में अचानक गाड़ी रोकना और कार में बेवजह ज्यादा वजन रखना जैसी छोटी आदतें भी ब्रेक पैड की उम्र कम कर सकती हैं. इन 5 बातों का ध्यान रखकर आप ब्रेक पैड पर होने वाला अनावश्यक खर्च कम कर सकते हैं.
बिना जरूरत ब्रेक पर पैर न रखें
कई ड्राइवर गाड़ी चलाते समय बिना जरूरत हल्के पैर से लगातार ब्रेक दबाए रखते हैं. ऐसा करने पर ब्रेक पैड और डिस्क के बीच लगातार घर्षण होता रहता है. इससे ब्रेक सिस्टम गर्म होता है और पैड तेजी से घिस सकते हैं. जहां जरूरत हो, वहीं ब्रेक का इस्तेमाल करें. आगे ट्रैफिक या रुकावट देखकर पहले ही एक्सीलेटर से पैर हटा लें और गाड़ी को धीरे-धीरे अपनी रफ्तार कम करने दें.
ढलान पर इंजन ब्रेकिंग का इस्तेमाल करें
पहाड़ी रास्तों या लंबी ढलान पर लगातार ब्रेक दबाकर गाड़ी चलाना ब्रैक पैड के लिए अच्छा नहीं है. ऐसे रास्तों पर सिर्फ ब्रेक के भरोसे रहने के बजाय जरूरत के मुताबिक गियर डाउन करके इंजन ब्रेकिंग का इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे गाड़ी की स्पीड कंट्रोल रखे में मदद मिलती है और ब्रेक सिस्टम पर लगातार दबाव नहीं पड़ता.
इससे ब्रेक पैड के घिसने की रफ्तार कम हो सकती है. साथ ही ढलान वाले रास्तों पर गाड़ी को कंट्रोल करने में भी मदद मिलती है. हालांकि, इंजन ब्रेकिंग का इस्तेमाल सड़क, ट्रैफिक और गाड़ी की स्थिति के हिसाब से सावधानीपूर्वक करना चाहिए.
कार में बेवजह भारी सामान न रखें
कार की डिक्की या सीटों पर लंबे समय तक गैर-जरूरी भारी सामान रखा रहने से गाड़ी का वजन बढ़ जाता है. ज्यादा वजन वाली कार को रोकने के लिए ब्रेक सिस्टम को भी ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. इसका असर ब्रक पैड की लाइफ पर पड़ सकता है. इसलिए कार में सिर्फ जरूरत का सामान ही रखें. इससे ब्रेक सिस्टम पर अनावश्यक दबाव कम होगा. साथ ही कार का माइलेज बेहतर रखने में भी मदद मिल सकती है.
तेज रफ्तार के बाद अचानक ब्रेक न लगाएं
तेज स्पीड में गाड़ी चलाकर अचनाक जोर से ब्रेक लगाने पर ब्रेक पैड और डिस्क के बीच काफी घर्षण और गर्मी पैदा होती है. अगर ऐसा बार-बार किया जाए, तो ब्रेक पैड तेजी से घिस सकते हैं. खासकर भीड़भाड़ वाली सड़कों पर स्पीड़ को सड़क और ट्रैफिक के हिसाब से रखें. आगे ट्रैफिक देखकर समय रहते एक्सीलेटर छोड़ने और धीरे-धीरे स्पीड कम करने की आदत डालें.
ब्रेक फ्लूइड की जांच भी जरूरी
ब्रैक पैड की लाइफ सिर्फ ड्राइविंग की आदतों पर निर्भर नहीं करती. पूरे ब्रेक सिस्टम का सही स्थिति में होना भी जरूरी है. इसलिए समय-समय पर ब्रेक फ्लूइड का लेवल और उसकी स्थिति चेक करवाते रहे. पुरान या खराब ब्रेक फ्लूइड ब्रेकिंग सिस्टम की परफॉर्मेंस को प्रभावित कर सकता है.
अगर ब्रेक लगाते समय असामान्य आवाज आए, पैडल दबाने पर अलग तरह का महसूस हो या ब्रेकिंग पहले के मुकाबले कमजोर लगे, तो इसे नजरअंदाज न करें. ऐसी स्थिति में जल्द से जल्द अच्छे मैकेनिक से ब्रेक सिस्टम की जांच करवाना बेहतर है. समय पर छोटी समस्या ठीक कराने से आगे होने वाले बड़े और महंगे नुकसान से बचा जा सकता है.
ये भी पढ़ें- कार के इंजन को बर्बाद कर सकती हैं आपकी ये 4 गलतियां, जानें बचाव के तरीके
संबंधित खबरें
गाड़ी का माइलेज अचानक गिरने पर सबसे पहले ये 6 चीजें करें चेक
17 hrs agoMaruti की कारों पर दिवाली ऑफर, इन मॉडल पर मिल रही बंपर छूट
20 hrs agoTesla की कार पहले उल्टी चली, फिर हवा में उड़ी! वीडियो देख नहीं होगा यकीन
23 hrs agoबाइक की चेन से क्यों आती है खटखट की आवाज? इसे ऐसे करें ठीक
1 day agoमहिंद्रा की पहली CNG SUV लॉन्च, कीमत 10 लाख से भी कम, जानें डिटेल्स
1 day agoकार के इंजन को बर्बाद कर सकती हैं आपकी ये 4 गलतियां!
1 day agoToyota Glanza Facelift हुई लॉन्च, बस इतनी है शुरुआती कीमत
2 days agoआ रही Honda की नई EV! इस दिन होगा डेब्यू, जानें संभावित रेंज और फीचर्स
2 days agoलोक अदालत में किन चालानों पर नहीं मिलेगी राहत? जान लें नियम
2 days agoMG Windsor EV का नया अवतार लॉन्च, जानें क्या मिल नया और कितनी है कीमत
2 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines