नई कार खरीदने का शौक लगभग हर किसी को होता है, लेकिन जब उसी का को कुछ साल बाद बेचने की बारी आती है, तो कई बार उम्मीद से कम कीमत मिलती है. गाड़ी चाहे कितनी भी उच्छी क्यों न हो, अगर उसकी सर्विसिंग का रिकॉर्ड नहीं है, बॉडी पर डेंट-स्क्रैच हैं या जरूरी कागजात पूरे नहीं हैं, तो खरीदार कीमत कम करने में देर नहीं लगाते. हालांकि, कार बेचने से पहले कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप उसकी रीसेल वैल्यू को 20 से 30% तक बढ़ा सकते हैं. जानते हैं ऐसे तरीके, जिनसे पुरानी कार बेचते समय बेहतर कीमत पाने में मदद मिल सकती है.
बेचने से पहले जरूर करें ये 5 काम
1. सर्विस रिकॉर्ड संभालकर रखें
कार की अच्छी कीमत पाने के लिए उसकी सर्विस हिस्ट्री काफी मायने रखती है. अगर आपने समय-समय पर गाड़ी की सर्विस कराई है और उसके बिल या सर्विस बुकलेट संभालकर रखें हैं, तो खरीदार को कार की देखभाल का भरोसा मिलता है. खासकर ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर से कराई गई सर्विस का रिकॉर्ड गाड़ी की कंडीशन समझने में मदद करता है. समय पर इंजन ऑयल बदलना और जरूरी मेंटनेंस कराना भी इंजन की लाइफ के लिए अच्छा रहता है.
2. डेंट और स्क्रैच को न करें नजरअंदाज
कार बेचते समय उसका बाहरी लुक भी कीमत तय करने में अहम भूमिका निभाता है. अगर बॉडी पर जगह जगह डेंट और स्क्रैच हैं, तो खरीदार इन्हें दिखाकर कीमत कम करने की कोशिश कर सकता हैं. इसलिए गाड़ी बेचने से पहले छोटे-मोटे डेंट और स्क्रैच ठीक करवा लेना बेहतर रहता है. जरूरत के मुताबिक पॉलिश भी करवा सकते हैं. इससे कार साफ-सुथरी दिखेगी और खरीदार पर अच्छा पहला इंप्रेशन पड़ेगा.
3. कार के इंटीरियर को रखें साफ
कई लोग कार की बाहरी सफाई पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन उसके अंदर की हालत को नजरअंदाज कर देते हैं. जबकि खरीदार गाड़ी देखने आते हैं, तो सीटों, डैशबोर्ड, मैट्स और केबिन की सफाई भी देखते हैं. अगर सीट कवर फटे हुए हैं, मैट्स गंदे हैं या केबिन से बदबू आती है, तो कार का इंप्रेशन खराब हो सकता है. इसलिए बेचने से पहले इंटीरियर की अच्छी तरह सफाई करवाएं और जरूरत पड़ने पर खराब सीट कवर बदलवा दें.
4. टायर और बैटरी की कंडीशन चेक करें
पुरानी कार खरीदते समय लोग सिर्फ इंजन और गाड़ी की बॉडी नहीं देखते, बल्कि टायर और बैटरी की हालत भी जांचते हैं. अगर टायर ज्यादा घिस चुके हैं या बैटरी कमजोर हो गई है, तो खरीदार इनकी मरम्मत या बदलाव का खर्च बताकर कीमत कम कर सकता है. इसलिए कार बेचने से पहले टायरों की हालत और बैटरी की स्थिति चेक करवा लें. अगर दोनों अच्छी कंडीशन में हैं, तो खरीदार के सामने बेहतर कीमत की मांग रखने में आसानी होगी.
5. गाड़ी के सभी डॉक्यूमेंट्स रखें तैयार
कार बेचने से पहले उसके जरूरी कागजात पूरे रखना भी बेहद जरूरी है. रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, इंश्योरेंस, पॉल्यूश अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट और जहां जरूरी हो, NOC जैसे दस्तावेज अपडेटेड होने चाहिए. अगर गाड़ी के कागजात पूरे हैं और किसी तरह की कानूनी या रजिस्ट्रेशन संबंधी परेशानी नहीं है, तो खरीद-बिक्री की प्रक्रिया आसान हो जाती है. इससे खरीदार का भरोसा बढ़ता है और डील फाइनल करने में बेवजह की देरी से बचा जा सकता है.
हालांकि, रीसेल वैल्यू सिर्फ इन्हीं बातों पर निर्भर नहीं करती. कार का मॉडल, उम्र, किलोमीटर चली हुई गाड़ी, बाजार में उसकी मांग और मौजूदा कंडीशन भी कीमत तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं.