Car Mileage Tips: कई बार अच्छा माइलेज देने वाली कार अचानकर ज्यादा पेट्रोल या डीजल खर्च करने लगती है. ऐसे में हर बार यह जरूरी नहीं है कि इंजन में कोई बड़ी खराबी आ गई हो. टायरों में हवा कम होने से लेकर एयर फिल्टर गंदा होने तक, कई छोटी-छोटी वजहें कार का माइलेज कम कर सकती हैं. इनकी वजह से हर महीने ईंधन पर होने वाला खर्च भी बढ़ जाता है. ऐसे में सीधे मैकेनिक के पास जाने से पहले कुछ चीजों पर ध्यान देना जरूरी है. कई समस्यओं की शुरुआती जांच आप खुद भी कर सकते हैं.
इन 6 जरूरी बातों को करें चेक
गाड़ी के टायर्स में हवा
कार के टायर में सही हवा गाड़ी के अच्छे माइलेज के लिए जरूरी है. अगर टायरों में हवा कम है, सड़क पर उनका घर्षण बढ़ जाता है. ऐसी स्थिति में कार को बढ़ाने में के लिए इंजन को ज्यादा ताकत लगानी पड़ती है और इसका असर फ्यूल की खपत पर पड़ता है. इसलिए समय-समय पर टायर प्रेशर चेक करते रहें. हवा हमेशा कंपनी की ओर से बताए गए प्रेशर के हिसाब से ही भरवाएं.
एयर फिल्टर गंदा होना
इंजन को सही तरीके से काम करने के लिए पर्याप्त हवा की जरूरत होती है. इसके लिए कार में एयर फिल्टर लगाया जाता है, जो धूल और मिट्टी को इंजन के अंदर जाने से रोकता है. लेकिन लंबे समय तक सफाई या बदलाव न होने पर यह फिल्टर गंदा होकर चोक हो सकता है. इससे इंजन के काम करने की क्षमता प्रभावित होती है और माइलेज कमर हो सकता है.
स्पार्क प्लग खराब होना
पेट्रोल कारों में स्पार्क प्लग इंजन के अंदर फ्यूल और हवा के मिक्स को जलाने में अहम भूमिका निभाते हैं. अग स्पार्क प्लग गंदे हो जाएं, घिस जाएं या ठीक से काम न करें तो फ्यूल सही तरीके से नहीं जल पाता. इसका असर कार के माइलेज पर पड़ सकता है. इसके अलावा इंजन स्टार्ट होने में परेशानी या गाड़ी चलाते समय झटके महसूस हो सकते हैं.
ब्रेक का पूरी तरह रिलीज न होना
कई बार कार के ब्रेक पैडल से पैर हटाने के बाद भी ब्रेक पूरी तरह रिलीज नहीं होते. इस वजह से पहियों पर लगातार दबाव बना रह सकता है. नतीजतन, इंजन को कार चलाने के लिए ज्यादा ताकत लगानी पड़ती है और ईंधन की खपत बढ़ जाती है. अगर कार चलाते समय भारी महसूस हो, गाड़ी को आगे बढ़ाने में ज्यादा जोर लगाना पड़े या किसी पहिए से असामान्य गर्मी या जलने जैसी गंध आए, तो ब्रेक की जांच करवाएं. यह सुरक्षा से जुड़ी समस्या भी हो सकती है, इसलिए इसे नजरअंदाज न करें.
इंजन ऑयल और कूलेंट सेंसर में खराबी
इंजन ऑयल का सही ग्रेड इस्तेमाल करना भी कार की परफॉर्मेंस के लिए जरूरी है. गलत ग्रेड का ये बहुत पुराना इंजन ऑयल इंजन के अंदर घर्षण बढ़ा सकता है. इससे इंजन को काम करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है. वहीं, थर्मोस्टेट या कूलेंट टेम्परेचर सेंसर में खराबी होने पर इंजन सही तापमान तक पहुंचने में ज्यादा समय ले सकता है. ऐसी स्थिति में ईंधन की खपत बढ़ सकती है..
ड्राइविंग का तरीका और AC का ज्यादा इस्तेमाल
कार का माइलजे इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप उसे कैसे चलाते हैं. बार-बार तेज रफ्तार पकड़ना अचानक ब्रेक लगाना और ट्रैफिक में लंबे समय तक इंजन चालू रखकर खड़े रहना फ्यूल की खपत बढ़ा सकता है. AC का इस्तेमाल और कार में जरूरत से ज्यादा सामान रखना भी ईंधन की खपत पर असर डाल सकता है. बेहतर माइलेज के लिए एक समान रफ्तार से गाड़ी चलाएं, बेवजह इंजन चालू न रखें और कार में अतिरिक्त सामान रखने से बचें.
अगर इन बातों पर ध्यान देने के बाद भी कार का माइलेज पहले जैसा नहीं होता, तो समस्या की सही वजह जानने के लिए मैकेनिक से जांच करवाएं.