क्या CNG कार में पेट्रोल और सीएनजी को बराबर अनुपात में रखना जरूरी है? आपने भी कभी न कभी ये सवाल सुना होगा. वहीं अगर आपके पास CNG कार है तो आपने भी कभी न कभी सोचा होगा कि पेट्रोल और CNG को टैंक में बराबर यानी 50:50 रखना चाहिए या नहीं. कई लोगों को लगता है कि दोनों ईंधन बराबर मात्रा में होने चाहिए तो इसका जवाब है- नहीं, ऐसा बिल्कुल जरूरी नहीं है. जी हां CNG कार में पेट्रोल की मात्रा CNG के बराबर रखना जरूरी नहीं है. हालांकि, इसका मतलब यह भी नहीं है कि पेट्रोल को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया जाए. कार को सही तरीके से चलाने और फ्यूल सिस्टम को सुरक्षित रखने के लिए पेट्रोल का टैंक खाली नहीं होना चाहिए.
क्या CNG कार में पेट्रोल रखना जरूरी है?
CNG पर चलने के बावजूद कार के पेट्रोल सिस्टम की अपनी जरूरी भूमिका होती है. ये फ्यूल पंप के लिए सबसे जरूरी होता है. पेट्रोल टैंक में पर्याप्त फ्यूल रहने पर पंप ठंडा रहता है और सही तरीके से काम करता है. अगर टैंक लंबे समय तक लगभग खाली रहता है तो फ्यूल पंप गर्म होकर खराब हो सकता है. इसके अलावा पेट्रोल इंजेक्टर्स का इस्तेमाल न होने पर वे जाम हो सकते हैं, जिससे कार में झटके आने या स्टार्ट होने में परेशानी हो सकती है.
CNG कार में कितना पेट्रोल रखना सही है?
पेट्रोल और CNG को 50:50 रखने की जरूरत नहीं है. हालांकि, फ्यूल टैंक में कम से कम 25 प्रतिशत पेट्रोल रखना बेहतर माना जाता है. मारुति के मुताबिक CNG कार में कम से काम 5 लीटर पेट्रोल रखना चाहिए. इससे फ्यूल पंप पेट्रोल में डूबा रहता है और उसे ठंडा रहने में मदद मिलती है. सबसे जरूरी बात यह है कि पेट्रोल टैंक को पूरी तरह खाली न होने दें.
कार स्टार्ट करते समय याद रखे ये बात?
ज्यादातर CNG कारें स्टार्ट पेट्रोल पर ही होती हैं और इंजन के गर्म होने के बाद CNG पर शिफ्ट हो जाती हैं. ठंडी कार को पेट्रोल पर स्टार्ट करने से इंजन के अंदर जरूरी लुब्रिकेशन मिलता है और पिस्टन व दूसरे अंदरूनी हिस्सों को सुरक्षित रखने में मदद मिलती है. इसलिए कार को हमेशा सीधे CNG पर चलाने की कोशिश करने के बजाय उसके सामान्य स्टार्टिंग सिस्टम को फॉलो करना बेहतर है.
ध्यान दें, CNG को आमतौर पर पेट्रोल की तुलना में ड्राई फ्यूल माना जाता है. पेट्रोल इंजन के कुछ हिस्सों, खासकर वॉल्व्स और दूसरे इंटरनल पार्ट्स की सुरक्षा के लिए जरुरी होता है. अगर लंबे समय तक पेट्रोल का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं किया जाता है तो वॉल्व्स और गैस्केट जैसे पार्ट्स समय से पहले घिस सकते हैं. इसका असर आगे चलकर इंजन की परफॉर्मेंस पर भी पड़ सकता है.
हफ्ते में 10-15 किलोमीटर पेट्रोल पर चलाएं
CNG कार को सिर्फ गैस पर चलाने की आदत से पेट्रोल सिस्टम लंबे समय तक इस्तेमाल से बाहर रह सकता है. इसलिए हफ्ते में कम से कम 10 से 15 किलोमीटर कार को पेट्रोल मोड पर चलाने की सलाह दी जाती है. इससे पेट्रोल इंजेक्टर्स इस्तेमाल में रहते हैं और उनके जाम होने का खतरा कम होता है.
पेट्रोल की अनदेखी से क्या नुकसान
लंबे समय तक पेट्रोल का ध्यान न रखने पर फ्यूल पंप खराब होने, इंजेक्टर्स के ब्लॉक होने, सील डैमेज होने और इंजन की परफॉर्मेंस गिरने जैसी दिक्कतें आ सकती हैं. इसलिए CNG से ईंधन का खर्च जरूर कम होता है, लेकिन पेट्रोल कार के लिए बेकार फ्लू नहीं है. वहीं दोनों को बराबर अनुपात में रखना जरूरी नहीं, लेकिन पेट्रोल की पर्याप्त मात्रा बनाए रखना कार की लंबी उम्र और भरोसेमंद परफॉर्मेंस के लिए जरूरी है.
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Source 1- Marutisuzuki
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