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कार का Engine Oil बदलने में कर रहे हैं देरी? छोटी सी लापरवाही बढ़ा सकती है हजारों का खर्च, जानें कब बदलना सही

अगर आप भी गाड़ी सही चलने के भरोसे इंजन ऑयल बदलने में देरी करते हैं, तो सावधान हो जाएं. यहां जानें कब बदलना चाहिए इंजन ऑयल और इसमें देरी करने से क्या नुकसान हो सकता है.

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Engine Oil बदलने में जरा-सी लापरवाही भारी पड़ सकती है. (Image credit-Magnific)

गाड़ी की सर्विसिंग के दौरान इंजन ऑयल बदलना सबसे जरूरी कामों में से एक है. इसके बावजूद कई लोग इसे टालते रहते हैं. कुछ लोगों को लगता है कि जब तक कार सही चल रही है, तब तक इंजन ऑयल बदलने की कोई जरूरत नहीं है. लेकिन ऐसा करना आगे चलकर महंगा पड़ सकता है. इंजन ऑयल सिर्फ इंजन के पार्ट को चिकना रखने का काम नहीं करता, बल्कि यह उनके बीच घर्षण कम करने और इंजन में बनने वाली गर्मी को कंट्रोल करने में भी मदद करता है. अगर लंबे समय तक पुराना ऑयल ही इंजन में चलता रहे, तो इसका असर धीरे-धीरे कार की परफॉर्मेंस और इंजन की सेहत पर पड़ सकता है.

इंजन की परफॉर्मेंस हो सकती है खराब

इंजन ऑयल का लगातार इस्तेमाल होने के साथ उसमें गंदगी और दूसरे कण जमा होने लगते हैं. समय के साथ इसकी लुब्रिकेशन क्षमता भी कम हो सकती है. ऐसे में इंजन के अंदर मौजूद अलग-अलग पार्ट्स के बीच घर्षण बढ़ने लगता है. इसका असर कार की स्मूदनेस और इंजन की परफॉर्मेंस पर दिखाई दे सकता है. कुछ मामलों में इंजन से सामान्य से अलग आवाज आने या ड्राइविंग के दौरान ज्यादा कंपन महसूस होने जैसी दिक्कत भी हो सकती है.

बढ़ सकता है इंजन रिपेयर का खर्च

इंजन ऑयल सिर्फ घर्षण कम करने में ही मदद नहीं करता, बल्कि इंजन के अंदर बनने वाली गर्मी को कंट्रोल करने में भी इसकी भूमिका होती है. पुराना या खराब ऑयल यह काम पहले की तरह प्रभावी तरीके से नहीं कर पाता. इससे इंजन में गर्मी और घर्षण बढ़ सकता है, जिसका असर उसके जरूरी पार्ट्स पर पड़ सकता है. अगर लंबे समय तक ऐसी स्थिति बनी रहती है, तो इंजन को रिपेयर कराने का खर्च भी बढ़ सकता है.

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माइलेज पर भी पड़ सकता है असर

पुराने इंजन ऑयल की वजह से कार के माइलेज पर भी असर पड़ सकता है. जब इंजन के पार्ट्स के बीच फ्रिक्शन बढ़ता है तो इंजन को काम करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है. इससे फ्यूल की खपत बढ़ने की संभावना रहती है. हालांकि माइलेज कम होने के पीछे टायर प्रेशर, ड्राइविंग स्टाइल, ट्रैफिक और कार की दूसरी तकनीकी समस्याएं भी जिम्मेदार हो सकती हैं. इसलिए सिर्फ खराब इंजन ऑयल को ही कम माइलेज की वजह मानना सही नहीं होगा.

इंजन ऑयल कब बदलना चाहिए?

इंजन ऑयल बदलने का एक ही तय समय सभी कारों के लिए लागू नहीं होता. यह कार के मॉडल, इंजन, इस्तेमाल, इंजन ऑयल के प्रकार और कंपनी की सर्विस गाइडलाइन पर निर्भर करता है. इसलिए ऑयल बदलने का सही अंतराल जानने के लिए कार के यूजर मैनुअल में दी गई जानकारी देखना सबसे बेहतर तरीका है.

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ज्यादा ट्रैफिक में चलती है कार तो रखें ज्यादा ध्यान

अगर आपकी कार का इस्तेमाल ज्यादातर ट्रैफिक वाली सड़कों पर होता है या वह धूल-मिट्टी और दूसरी कठिन परिस्थितियों में ज्यादा चलती है, तो नियमित सर्विसिंग को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसी परिस्थितियों में कार के इंजन पर सामान्य से ज्यादा दबाव पड़ सकता है. इसलिए कंपनी की सर्विस गाइडलाइन के मुताबिक इंजन ऑयल और दूसरे जरूरी पार्ट्स की समय पर जांच करवाना फायदेमंद रहता है.

पुराना ऑयल लंबे समय तक चलाना सही नहीं

कार बाहर से बिल्कुल ठीक चल रही हो, तब भी इंजन ऑयल की स्थिति को नजरअंदाज करना सही नहीं है. इंजन ऑयल समय के साथ अपनी क्षमता खो सकता है और इसका असर तुरंत दिखाई भी नहीं देता. इसलिए गाड़ी में कोई बड़ी समस्या आने का इंतजार करने के बजाय सर्विस शेड्यूल के हिसाब से ऑयल बदलवाना बेहतर है. इससे इंजन को सही तरीके से काम करने में मदद मिलती है और भविष्य में होने वाले बड़े रिपेयर के जोखिम को कम किया जा सकता है.

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ये भी पढे़ं- गाड़ी स्टार्ट करते ही चल पड़ें या पहले इंजन गर्म करें? क्या होता है सही तरीका?

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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