पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से परेशान होकर बड़ी संख्या में लोग इलेक्ट्रिक स्कूटर का रुख कर रह हैं. शुरुआत में स्कूटर फुल चार्ज होने के बाद 100 से 120 किमी तक आसानी से चल जाता है, लेकिन कुछ महीनों बाद इसकी रेंज घटकर आधी रह जाती है. इसके बाद लोगों को लगता है कि स्कूटर की बैटरी में ही कोई खराबी आ गई है या कंपनी ने अच्छी बैटरी नहीं दी. हालांकि हर बार ऐसा नहीं होता. कई मामलों में बैटरी खराब होने की बजाय उसे चार्ज करने का तरीका ही इसकी वजह बन जाता है.
लिथियम-आयन बैटरी को लेकर हमारी छोटी-छोटी लापरवाही भी उसकी सेहत पर असर डाल सकती है. गलत तरीके से चार्ज करने पर समय के साथ बैटरी की क्षमता कम हो सकती है और इसका सीधा असर स्कूटर की रेंज पर दिखाई देता है.
चार्जिंग के वक्त इन बातों का रखें ध्यान
राइड खत्म होते ही चार्जिंग पर न लगाएं
कई लोगों की आदत होती है कि ऑफिस या बाजर से घर पहुंचत ही स्कूटर पार्क किया और तुरंत चार्जर लगा दिया. अगर आप भी ऐसा करते हैं तो इस आदत को बदलना बेहतर है. स्कूटर को चलाने के दौरान सिर्फ मौटर ही गर्म नहीं होती, बल्कि बैटरी पैक का टेंपरेचर भी बढ़ जाता है. खासकर लंबी राइड के बाद बैटरी काफी गर्म हो सकती है.
गर्म बैटरी को थोड़ा समय दें
गर्म बैटरी की तुरंत चार्ज करने से उसके सेल्स पर ज्यादा दबाव पड़ सकता है. इससे समय के साथ बैटरी की क्षमता प्रभावित होने का खतरा रहता है. इसलिए लंबी राइड के बाद स्कूटर को तुरंत चार्ज करने के बजाय करीब 20-30 मिनट तक किसी छायादार जगह पर खड़ा रहने दें. बैटरी का तापमान सामान्य होने के बाद ही चार्जर लगाना बेहतर है.
बैटरी को बार-बार 0% तक न पहुंचाएं
कई लोग स्कूटर को तब तक चलाते रहते हैं जब तक बैटरी सिर्फ 2-3 प्रतिशत पर नहीं पहुंच जाती. इसके बाद रात में चार्जिंग पर लगाकर सुबह तक 100 प्रतिशत चार्ज करते हैं. रोजाना ऐसा करना लिथियम-आयन बैटर की सेहत के लिए अच्छा नहीं माना जाता. बैटरी को बार-बार पूरी तरह खाली करना और लंबे समय तक 100 प्रतिशत पर रखना उसकी क्षमता पर असर डाल सकता है.
20 से 80 प्रतिशत वाला रूल अपनाएं
बैटरी की सेहत बनाए रखने के लिए रोजमर्रा के इस्तेमाल में 20-80 प्रतिशत का नियम अपनाना बेहतर है. यानी बैटरी करीब 20 प्रतिशत तक पहुंचने पर स्कूटर को चार्ज पर लगाएं और 80-85 प्रतिशत के आसपास चार्ज होने पर प्लग निकाल दें. हालांकि समय-समय पर बैटरी को 100 प्रतिशत तक चार्ज किया जा सकता है. हफ्ते या महीने में एक-दो बार ऐसा करने से बैटरी के सेल्स को कैलिब्रेट करने में मदद मिल सकती है.
लोकल या अनब्रांडेड चार्जर इस्तेमाल न करें
पैसे बचने या जल्दी चार्ज करने के चक्कर में कई लोग लोकल या अनब्रांडेड चार्जर का इस्तेमाल करने लगते हैं. ऐसा करना बैटरी के लिए नुकसानदायक हो सकता है. हमेशा स्कूटर के साथ मिलने वाले ओरिजनल चार्जर या कंपनी की तरफ से ऑथरॉइज्ड चार्जर का ही इस्तेमाल करें. गलत चार्जर से वोल्टेज में उतार चढ़ाव हो सकता है, जिससे बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम पर असर हो सकता है.
रातभर चार्जिंग कर सकते हैं?
इसका जवाब है-नहीं. बहुत से लोगों की आदत होती है कि रात में सोने से पहले स्कूर को चार्जिंग पर लगा दिया औरु सुबह उठकर चार्जर हटाया. मॉडर्न इलेक्ट्रिक स्कूटर में ऑटो-कट जैसी सुविधाएं जरूर मिलती हैं, लेकिन जरूरत से ज्यादा देर तक चार्जर प्लग-इन रखना अच्छी आदत नहीं है. इसलिए कोशिश करें कि बैटरी की जरूरत के हिसाब से चार्जिंग का समय तय करें. इसके लिए टाइमर का इस्तेमाल भी किया जा सकता है और चार्जिंग पूरी होने के बाद पावर स्विच बंद कर देना चाहिए.
इलेक्ट्रिक स्कूटर की रेंज सिर्फ बैटरी की क्वालिटी पर निर्भर नहीं करती. उसे किस तरह इस्तेमाल और चार्ज किया जा रहा है, इसका भी असर पड़ता है. चार्जिंग की इन छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके बैटरी की सेहत और स्कूटर की रेंज को लंबे समय तक बेहतर रखा जा सकता है.