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ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत! दिल्ली से गुरुग्राम सिर्फ 12 मिनट में, NCR में शुरू होगी Air Taxi, अब तक क्या तैयारी?

दिल्ली-NCR में ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए एयर टैक्सी कॉरिडोर का प्रस्ताव सामने आया है. योजना लागू होने पर सेंट्रल दिल्ली से गुरुग्राम का सफर 12 मिनट से कम और नोएडा एयरपोर्ट तक की दूरी 20 मिनट में पूरी हो सकेगी. eVTOL तकनीक पर आधारित यह प्रोजेक्ट शहर की यात्रा व्यवस्था बदल सकता है.

दिल्ली-NCR में आने वाली है Air Taxi. (Photo for reference only)

Delhi NCR Air Aaxi Plan: दिल्ली-NCR के लोगों के लिए रोज का ट्रैफिक जाम सबसे बड़ी परेशानी बन चुका है. घंटों सड़क पर फंसे रहने के बजाय अब आसमान से सफर करने का विकल्प सामने आ सकता है. एयर टैक्सी की नई योजना लागू होती है तो सेंट्रल दिल्ली से गुरुग्राम का सफर महज कुछ ही मिनटों में पूरा किया जा सकेगा. यह पहल शहर की ट्रैफिक समस्या को कम करने की दिशा में बड़ा बदलाव ला सकती है.

क्या है एयर टैक्सी कॉरिडोर योजना

भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने दिल्ली-NCR में एयर टैक्सी कॉरिडोर का प्रस्ताव दिया है. इस योजना का मकसद ट्रैफिक जाम और पुराने होते जा रहे सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर की समस्या का समाधान निकालना है. अगर यह योजना लागू होती है तो लोगों को लंबी दूरी तय करने में काफी कम समय लगेगा. फिलहाल यह एक प्रस्ताव है और इसे अभी आधिकारिक मंजूरी मिलना बाकी है.

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किन इलाकों को जोड़ा जाएगा

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प्रस्ताव के अनुसार, एक पायलट एडवांस्ड एयर मोबिलिटी कॉरिडोर तैयार किया जाएगा, जो गुरुग्राम, कनॉट प्लेस और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को आपस में जोड़ेगा. इस प्रोजेक्ट में इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग (eVTOL) विमान और आधुनिक एविएशन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे सुरक्षित और तेज हवाई यात्रा संभव हो सके.

सफल रहा तो दूसरे शहरों में भी विस्तार

अगर दिल्ली-NCR में यह मॉडल सफल रहता है, तो आगे इसे देश के अन्य बड़े शहरों में भी शुरू किया जा सकता है. मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद जैसे महानगरों में भी एयर टैक्सी सेवा शुरू करने की योजना पर काम किया जा सकता है.

एयर एम्बुलेंस और इमरजेंसी सेवाओं में मदद

एयर टैक्सी का इस्तेमाल सिर्फ यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि मेडिकल इमरजेंसी में भी किया जा सकेगा. बड़े अस्पतालों की छतों पर वर्टीपोर्ट बनाए जाएंगे, जिससे मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक जल्दी पहुंचाया जा सके. इससे गंभीर मरीजों के इलाज में समय की बचत होगी.

ट्रैवल टाइम में बड़ी कमी

इस योजना का सबसे बड़ा फायदा समय की बचत होगा. रिपोर्ट के मुताबिक, सेंट्रल दिल्ली से गुरुग्राम का सफर 12 मिनट से भी कम समय में पूरा किया जा सकेगा, जबकि सड़क मार्ग से इसमें 1 से 1.5 घंटे लग जाते हैं. वहीं कनॉट प्लेस से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की दूरी 20 मिनट से कम समय में तय हो सकेगी, जो सड़क से 2 से 3 घंटे तक लेती है.

क्या हैं आगे की चुनौतियां

दिल्ली देश की राजधानी होने के कारण कई इलाके हाई-सिक्योरिटी जोन में आते हैं. दिल्ली कैंट, लुटियंस जोन और IGI एयरपोर्ट के ऊपर से उड़ान की अनुमति नहीं दी जा सकती. ऐसे में DGCA को नए रूट, सुरक्षा मानक और ऑपरेशन नियम तैयार करने होंगे. फायर सेफ्टी, इमरजेंसी इवैक्यूएशन और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं भी इस प्रोजेक्ट के लिए जरूरी होंगी.

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